अक्टूबर की शुरुआत के साथ ही देश में कई वित्तीय और बैंकिंग नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। इनका असर LPG सब्सिडी, SBI ATM ट्रांजेक्शन, FD, NPS, UPI भुगतान, NRI प्रॉपर्टी खरीद और अन्य वित्तीय सेवाओं पर पड़ सकता है। कुछ बदलाव सीधे आम लोगों की जेब और मासिक बजट से जुड़े हैं।
1. LPG सब्सिडी के लिए आधार बायोमेट्रिक जरूरी
1 अक्टूबर से सब्सिडी वाले घरेलू LPG रिफिल के लिए Biometric Aadhaar Authentication जरूरी किया गया है। यह प्रक्रिया डिलीवरी के समय, गैस एजेंसी पर या संबंधित OMC के मोबाइल ऐप से पूरी की जा सकती है। सरकार के मुताबिक, 27.43 करोड़ उपभोक्ता पहले ही यह प्रमाणीकरण पूरा कर चुके हैं।
2. SBI ATM से फ्री ट्रांजेक्शन की सीमा बदली
SBI के सैलरी पैकेज खाताधारकों के लिए दूसरे बैंकों के ATM पर मुफ्त मासिक ट्रांजेक्शन की सीमा 10 से घटाकर 5 कर दी गई है। सीमा पार होने पर निर्धारित शुल्क लागू हो सकता है।
3. बल्क FD के ब्याज की जानकारी ज्यादा पारदर्शी होगी
1 अक्टूबर से बैंकों को बल्क डिपॉजिट की ब्याज दरों को पहले से सार्वजनिक करना होगा और लागू दरों की जानकारी रोजाना सुबह 10 बजे उपलब्ध करानी होगी।
4. UPI पर 15 अक्टूबर से नया MDR नियम
15 अक्टूबर 2026 से कुछ ₹2,000 से अधिक के मर्चेंट UPI ट्रांजेक्शन पर MDR लागू होगा। हालांकि ₹2,000 तक के भुगतान और जीरो-MDR व्यवस्था वाले छोटे व्यापारियों के लेनदेन प्रभावित नहीं होंगे। यह शुल्क मुख्य रूप से मर्चेंट पक्ष से संबंधित है, सीधे ग्राहक से वसूला जाना जरूरी नहीं है।
5. NPS में नए शुल्क लागू
NPS और NPS Lite में Point of Presence (PoP) के जरिए नया PRAN खोलने पर ₹200 का ऑनबोर्डिंग चार्ज लागू होगा। शुल्क की वसूली नई शुल्क संरचना के अनुसार होगी।
6. NRI से प्रॉपर्टी खरीदने पर TDS प्रक्रिया में बदलाव
NRI से अचल संपत्ति खरीदने वाले निवासी व्यक्ति और HUF के लिए TDS की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है। खरीदार अपने PAN के माध्यम से TDS कटौती, जमा और रिपोर्टिंग कर सकेंगे।
7. LPG की कीमतों की मासिक समीक्षा
तेल कंपनियां हर महीने की शुरुआत में LPG की कीमतों की समीक्षा करती हैं। घरेलू और कमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बदलाव होने पर इसका सीधा असर रसोई और कारोबार के बजट पर पड़ सकता है।
8. पेंशनर्स के लिए Life Certificate का समय शुरू
1 अक्टूबर से पेंशनर्स के लिए वार्षिक Life Certificate जमा करने की अवधि शुरू हो गई है। समय पर प्रमाणपत्र जमा करना पेंशन भुगतान की निरंतरता के लिए महत्वपूर्ण है।
9. EPF/EPS में वेतन सीमा से जुड़े बदलाव
₹15,000 से ₹25,000 तक की वेतन सीमा वाले कुछ कर्मचारियों के लिए EPF/EPS योगदान व्यवस्था में बदलाव से टेक-होम सैलरी और रिटायरमेंट सेविंग्स पर असर पड़ सकता है।
10. त्योहारों में इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों पर नजर
टीवी, फ्रिज, AC जैसे घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स की कीमतों में कच्चे माल और लागत में बदलाव के कारण उतार-चढ़ाव की संभावना है। हालांकि किसी वस्तु की कीमत बढ़ना सभी कंपनियों के लिए एक समान अनिवार्य बदलाव नहीं है।



