छत्तीसगढ़ के शासकीय शिक्षकों के लिए बड़ी राहत और महत्वपूर्ण खबर सामने आई है। राज्य सरकार ने सेवारत शिक्षकों के लिए विशेष शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) साल में कम से कम दो बार आयोजित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इसका उद्देश्य शिक्षकों को टीईटी उत्तीर्ण करने के पर्याप्त अवसर देना और नौकरी में बने रहने तथा पदोन्नति से जुड़ी पात्रता संबंधी आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करना है।
CGSSSB कराएगा कंप्यूटर आधारित परीक्षा
राज्य सरकार के निर्देश के अनुसार, विशेष टीईटी परीक्षा छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल (CGSSSB) के माध्यम से कंप्यूटर आधारित टेस्ट (CBT) पद्धति से आयोजित की जाएगी। शासन ने लोक शिक्षण संचालनालय को साल में कम से कम दो बार परीक्षा कराने के निर्देश दिए हैं। परीक्षा में सफल अभ्यर्थियों को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (SCERT), रायपुर की ओर से प्रमाणपत्र जारी किया जाएगा।
किन शिक्षकों के लिए TET पास करना अनिवार्य?
कक्षा 1 से 8 तक अध्यापन करने वाले सेवारत शासकीय शिक्षकों के लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण है। जिन शिक्षकों की सेवा में पांच वर्ष या उससे अधिक समय शेष है, उन्हें सेवा में बने रहने और पदोन्नति प्राप्त करने के लिए संबंधित स्तर की टीईटी उत्तीर्ण करनी होगी। यह व्यवस्था सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप लागू की जा रही है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद लिया गया फैसला
विशेष टीईटी आयोजित करने का निर्णय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के परिप्रेक्ष्य में लिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने 24 सितंबर 2026 को इस संबंध में प्रस्ताव भेजा था, जिस पर राज्य सरकार ने सहमति प्रदान की। नियमित अंतराल पर परीक्षा आयोजित होने से शिक्षकों को पात्रता हासिल करने के लिए अतिरिक्त अवसर मिल सकेंगे।
शिक्षकों को अब परीक्षा कार्यक्रम का इंतजार
सरकार की मंजूरी के बाद अब शिक्षकों की नजर परीक्षा की तारीख, आवेदन प्रक्रिया, पाठ्यक्रम और अन्य दिशा-निर्देशों पर है। इनका विस्तृत विवरण संबंधित विभाग और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्था की ओर से जारी किया जाना अपेक्षित है।
इस फैसले से प्रदेश के उन शिक्षकों को विशेष लाभ मिलने की उम्मीद है, जिन्हें टीईटी उत्तीर्ण करने की आवश्यकता है। साल में कम से कम दो बार परीक्षा आयोजित करने की व्यवस्था से उन्हें अपनी पात्रता पूरी करने के लिए अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।



