छत्तीसगढ़ हॉकी लीग के पहले संस्करण का खिताब मैनपाट टाइटंस ने अपने नाम कर लिया है। रविवार को रायपुर के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हॉकी स्टेडियम में खेले गए रोमांचक फाइनल मुकाबले में मैनपाट टाइटंस ने संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 4-2 से हराकर इतिहास रच दिया। इसके साथ ही मैनपाट टाइटंस लीग की पहली चैंपियन बन गई।
फाइनल मुकाबले में दोनों टीमों के बीच कड़ा संघर्ष देखने को मिला। शुरुआती दौर में संस्कारधानी स्ट्राइकर्स ने अभिषेक यादव के गोल की बदौलत बढ़त बनाई। इसके बाद मैनपाट टाइटंस के प्रहलाद ने शानदार फील्ड गोल कर स्कोर बराबर कर दिया। तीसरे क्वार्टर में संदीप ठाकुर ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलकर मैनपाट को बढ़त दिलाई। हालांकि, संस्कारधानी के सारिक अहमद ने गोल कर मुकाबले को 2-2 की बराबरी पर ला दिया।
अंतिम क्वार्टर में मैनपाट टाइटंस ने आक्रामक खेल दिखाया। टीम के मोहित नायक ने लगातार दो शानदार गोल दागकर अपनी टीम की जीत सुनिश्चित कर दी। इस तरह मैनपाट ने 4-2 से मुकाबला जीतकर पहली बार ट्रॉफी पर कब्जा जमाया।
मैनपाट को 11 लाख, उपविजेता को 6 लाख रुपये
लीग में कुल 21 लाख रुपये की पुरस्कार राशि वितरित की गई। विजेता मैनपाट टाइटंस को 11 लाख रुपये और उपविजेता संस्कारधानी स्ट्राइकर्स को 6 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।
व्यक्तिगत पुरस्कारों में शाहरुख अली को प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट चुना गया। आशीष तानी पूर्ति ने 13 गोल के साथ टॉप स्कोरर का पुरस्कार हासिल किया, जबकि हिमांशु को सर्वश्रेष्ठ गोलकीपर चुना गया। मैनपाट के मोहित नायक को सर्वश्रेष्ठ छत्तीसगढ़ खिलाड़ी और संदीप कुमार को इमर्जिंग प्लेयर (अंडर-21) का सम्मान मिला।
मुख्यमंत्री साय और केंद्रीय खेल मंत्री रहे मौजूद
फाइनल मुकाबले और पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया, उप मुख्यमंत्री अरुण साव और विजय शर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि एवं विशिष्ट अतिथि मौजूद रहे। अतिथियों ने विजेता और उपविजेता टीमों के खिलाड़ियों को ट्रॉफी एवं पुरस्कार प्रदान किए।
छत्तीसगढ़ सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा आयोजित इस पहली हॉकी लीग में प्रदेश की छह फ्रेंचाइजी टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का उद्देश्य प्रदेश में हॉकी को बढ़ावा देना, स्थानीय खिलाड़ियों को बेहतर मंच उपलब्ध कराना और नई खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने के अवसर देना था।



