अनूपपुर।“अनुभूति” केवल एक शिविर नहीं, बल्कि प्रकृति से संवाद की वह प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से बच्चों में वनों के प्रति संवेदना, समझ और संरक्षण की भावना विकसित की जाती है। इसी उद्देश्य को लेकर अनूपपुर वन मंडल में वन मंडल स्तरीय अनुभूति प्रेरकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर किरर में सफलतापूर्वक आयोजित किया गया।
इस अवसर पर उप वन मंडलाधिकारी अनूपपुर डॉ. लाल सुधाकर सिंह ने कहा कि अनुभूति कार्यक्रम के तहत बच्चों को अनुभव के माध्यम से प्रकृति, वनों और वन्य जीवन की जानकारी सहजता से देना आवश्यक है। चयनित प्रेरक शिविरों से पूर्व पूरी तैयारी करें, ताकि सीमित समय में अधिकतम प्रभावी जानकारी बच्चों तक पहुंचाई जा सके।
उन्होंने बताया कि अनूपपुर वन मंडल में प्रतिवर्ष की भांति इस वर्ष भी 15 दिसंबर से 31 जनवरी के मध्य शासकीय विद्यालयों के छात्र–छात्राओं की सहभागिता से 14 अनुभूति शिविर आयोजित किए जाएंगे। इन शिविरों का उद्देश्य बच्चों को प्रकृति से जोड़ते हुए वनों के संरक्षण के प्रति जागरूक बनाना है।
प्रशिक्षण शिविर में शहडोल से आए मास्टर ट्रेनर एवं वन परिक्षेत्र अधिकारी रामनरेश विश्वकर्मा ने जानकारी दी कि वन विभाग एवं मध्यप्रदेश इको टूरिज्म विकास बोर्ड द्वारा वर्ष 2016-17 से निरंतर अनुभूति कार्यक्रम संचालित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यार्थियों को वनों, जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि शिविरों के दौरान प्रेरकों द्वारा बच्चों को वन भ्रमण कराया जाएगा, जहां उन्हें वनों में पाए जाने वाले पेड़–पौधों, वन्य प्राणियों, पक्षियों, तितलियों एवं वन औषधियों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही वनों और वन्य प्राणियों के संरक्षण से संबंधित विभिन्न प्रतियोगिताएं आयोजित कर बच्चों को पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। शिविरों में जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने के साथ बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए।
प्रशिक्षण के दौरान सेवा निवृत्त सहायक वन संरक्षक ओ.जी. गोस्वामी एवं पी.के. खत्री, प्रेरक शशिधर अग्रवाल, शिवदत्त पांडेय, वनरक्षक एवं प्रेरक कुंदन शर्मा ने भी अपने अनुभव साझा किए।
इस अवसर पर वन परिक्षेत्राधिकारी अनूपपुर स्वर्ण गौरव सिंह, वन क्षेत्र अधिकारी राजेंद्रग्राम शिवम कोष्ठी, कोतमा हरीश प्रसाद तिवारी, बिजुरी पवन ताम्रकार, प्रशिक्षु वन परिक्षेत्राधिकारी गौरव दुबे सहित वन मंडल के सभी वन परिक्षेत्रों के शासकीय एवं अशासकीय प्रेरक उपस्थित रहे।



