ग्राम पंचायत भाद का चारागाह घोटाला,निर्माण आरंभ होने से पूर्व ही राशि हुई आहरित_

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*कोतमा/अनूपपुर* अनूपपुर जिले के जनपद पंचायत अनूपपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत भाद जो की हमेशा ही भ्रष्टाचार के मामलो में सुर्खियां बटोरने का काम करता है,फिर चाहे वो ग्राम पंचायत के चहेते तथाकथित ठेकेदारों द्वारा गुणवत्ता विहीन निर्माण कार्य कराए जाने का मामला हो या जनपद पंचायत के जिम्मेदार उपयंत्री और ग्राम पंचायत के सरपंच,सचिव द्वारा फिर फर्जी राशि आहरण का।

*_चारागाह में भी भ्रष्टाचार,मजदूरी की राशि हुई आहरित_*
ग्राम पंचायत भाद में पंचायत विभाग द्वारा मुख्यमंत्री गौचर विकाश योजना अंतर्गत सामुदायिक चारागाह विकास कार्य भाद गौशाला में निर्माण हेतु वित्तीय वर्ष 2023_2024 में लगभग 8.5 लाख की राशि स्वीकृत किया गया था,जिसमे लगभग 5.5 लाख मजदूरी तथा 3.2 लाख लगभग मैटेरियल के लिए है,उक्त चारागाह निर्माण से शासन का उद्देश्य गौशाला में रहने वाले गौवंशो के लिए उनके खाना पानी की व्यवस्था करना है।किंतु ग्राम पंचायत भाद में चारागाह का निर्माण कराए बिना ही मजदूरी की लगभग 90 प्रतिशत से ज्यादा की राशि को मस्टर रोल तैयार कर आहरित कर लिया गया है,जबकि चारागाह निर्माण का दस प्रतिशत कार्य भी अभी तक नहीं हुआ है,वही चारागाह निर्माण स्थल पर चारागाह निर्माण तो दूर की बात है, वहा अभी भी झाड़ियां और काटेदार वृक्ष जस के तस खड़े हुए है।वही प्राप्त जानकारी के अनुसार ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों का कहना है कि चारागाह के पैसों से गौशाला के मजदूरी की भरपाई कर दी गई है,तो फिर सवाल यह भी उठता है कि बाद में चारागाह निर्माण कार्य की मजदूरी ग्राम पंचायत आखिर कहा से भुगतान करेगी..?साथ ही चारागाह के मजदूरी राशि का उपयोग गौशाला में होने के बावजूद भी अभी तक गौशाला अधूरी पड़ी हुई हैं।

*_लगभग 10 लाख की मजदूरी के बावजूद भी अपूर्ण गौशाला निर्माण_*
ग्राम पंचायत भाद वित्तीय वर्ष 2021_2022 पंचायत विभाग द्वारा में मनरेगा से सामुदायिक गौशाला निर्माण हेतु लगभग 34 लाख की राशि स्वीकृत की गई थी,जिसमे लगभग 30 लाख की राशि सामग्री हेतु तथा लगभग 04 लाख की राशि मजदूरी भुगतान हेतु थी।जिसका निर्माण कार्य भी 2021 _22 में आरंभ होने के बाद गौशाला निर्माण की लगभग 04 लाख मजदूरी राशि समाप्त हो गई,जिसके बाद एक बार पुनः गौशाला निर्माण कार्य पूर्ण करने के नाम पर चारागाह निर्माण की मजदूरी राशि लगभग 5 लाख को भी आहरित कर लिया गया,किंतु उसके बावजूद भी आज तक गौशाला का निर्माण कार्य तो पूर्ण नहीं हो सका लेकिन दोनों निर्माण कार्यों के मजदूरी की पूरी राशि का बंदरबाट सरपंच,सचिव और उपयंत्री के द्वारा आपसी मिलीभगत से कर दिया गया।
इसके अलावा गौवंश को बेहतर माहौल देने के लिए सरकारी गौशाला का निर्माण तो किया जा रहा लेकिन अभी तक इनमें बेहतर संसाधन का अभाव है।विगत कई वर्षों से लगातार निर्माणाधीन सामुदायिक गौशाला का कार्य अभी तक पूर्ण नहीं हो पाया है।गौशाला में गौवंशों के पीने के लिए ना तो अभी तक पानी की ही कोई व्यवस्था है,और न ही विद्युत की कोई व्यवस्था है।जिसके कारण आज भी ग्राम पंचायत क्षेत्र अंतर्गत गौवंश सड़को पर नजर आते है।

*_मंत्री के निर्देशों की हो रही अवहेलना_*
जहा एक ओर मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार)दिलीप जायसवाल द्वारा निर्माण कार्यों में क्‍वालिटी एवं क्‍वांटिटी दोनों का विशेष ध्यान रखने,प्रगतिरत कार्यों में गुणवत्ता का ध्यान रखते हुए शीघ्रता से कार्य पूर्ण करने,सौंदर्यीकरण एवं विद्युतीकरण कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराकर सतत् रूप से मॉनीटरिंग करने,जो निर्माण कार्य अधूरे पड़े हैं उन्हें जल्द से जल्द पूर्ण कराने के साथ ही कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री ने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि निर्माण कार्यों के गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा अगर निर्माण कार्य गुणवत्ता युक्त नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारी एवं ठेकेदार के विरुद्ध नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी।इसके बावजूद भी ग्राम पंचायत भाद के सरपंच सचिव तथा उपयंत्री द्वारा गरीब मजदूरों के हक पर डाका डालते हुए निर्माण कार्य आरंभ कराए बिना ही मिलीभगत कर राशि का आहरण किया जा चुका है।लेकिन ग्राम पंचायत भाद में अधूरे निर्मित गौशाला तथा चारागाह निर्माण कार्य को देखकर ऐसा लगता है मानो इन्हे मंत्री जी के निर्देशों की कोई परवाह ही नही है।

*इनका कहना है*

चारागाह की मजदूरी राशि का उपयोग गौशाला निर्माण के मजदूरी भुगतान के लिए किया गया है,चारागाह स्थल की जुताई एक बार कराई गई है,अभी चारा लगवाना बाकी है।बाकी मटेरियल की राशि अभी उपयोग हुई ही नहीं है।
*बृजेश तिवारी*
*सचिव,ग्राम पंचायत भाद*

चारा कटने के बाद फिर से स्वयं ही उग जाता है,और वैसे चारा अभी लगवाना बाकी है,बाकी मैं मामले को दिखवा लेती हूं।

*संध्या शुक्ला*
*उपयंत्री*

आपके द्वारा मामले से संबंधित जानकारी मेरे संज्ञान में लाया गया है,जिसे मैं दिखवाती हूं।

*उषा किरण गुप्ता*
*सीईओ,जनपद पंचायत अनूपपुर*

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