विभागीय कार्यशैली से हताश अभिभावक पहुंचा मंत्री दिलीप जायसवाल के पास

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अनूपपुर/कोतमा* ग्राम पंचायत भाद अंतर्गत संचालित त्रिशा इंग्लिश मीडियम स्कूल भाद में एक छोटे बच्चे को विद्यालय संचालन के समय कक्षा के अंदर घुसकर कुत्ते द्वारा काटे जाने की घटना की शिकायत से उक्त बच्चे के अभिभावक द्वारा अनुविभागीय अधिकारी कोतमा के बाद जनसुनवाई में किए जाने के बाद भी कोई लिखित कार्यवाही नहीं की गई है।जिसके बाद हताश होकर पीड़ित अभिभावक द्वारा अपनी वेदना मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग राज्यमंत्री दिलीप जायसवाल से की है।

*_शिकायतो के बावजूद नहीं हुई कार्यवाही_*
पीड़ित अभिभावक ने अपने बच्चे के साथ घटित घटना को त्रिशा इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रबंधन की लापरवाही और गैर जिम्मेदाराना रवैया बताते हुए उक्त मामले की लिखित शिकायत पूर्व में अनुविभागीय अधिकारी कोतमा से की थी,किंतु कार्यवाही नहीं होने से पुनः जनसुनवाई के माध्यम से उक्त मामले की शिकायत की गई।जिस पर स्वयं जिला कलेक्टर द्वारा आवेदक के समक्ष ही जिला शिक्षा अधिकारी को कार्यवाही हेतु निर्देशित किया गया था,किंतु उसके बाद भी किसी भी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं होने और जिले के जिम्मेदार अधिकारियों के इस प्रकार गैर जिम्मेदाराना हरकतों से अभिभावक द्वारा हताश होकर मंत्री को अपनी व्यथा सुनाई गई।

*_मंत्री ने जिला शिक्षा अधिकारी को दिए कार्यवाही के निर्देश_*
पीड़ित अभिभावक मूरत केवट निवासी ग्राम भाद ने मंत्री दिलीप जायसवाल के समक्ष अपनी शिकायत रखते हुए बताया कि उसने अपने पुत्र मयंक केवट का एडमिशन ग्राम पंचायत भाद अंतर्गत संचालित निजी विद्यालय त्रिशा इंग्लिश मीडियम स्कूल भाद में कराया था,जो केजी 02 में पढ़ता है,दिनांक 13.12.2024 को वह अपने पुत्र को विद्यालय के वाहन से विद्यालय भेजा और कुछ समय के बाद लगभग 9.30 बजे विद्यालय से फोन आया कि क्लासरूम में घुसकर एक कुत्ते ने उसके पुत्र के ऊपर हमला कर दिया है,जिससे उसके चेहरे पर चोट आई है,आप उसे घर ले जाकर उसका ईलाज कराइये।जिसके तुरंत बाद आवेदक आनन फानन में स्कूल पहुंचा और अपने मासूम बच्चे को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कोतमा ले जाकर उसका इलाज कराया।
पीड़ित अभिभावक की बातों को सुनकर कुटीर एवं ग्रामोद्योग मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र के माध्यम से निर्देशित किया गया है कि पीड़ित अभिभावक मूरत लाल केवट निवासी भाद द्वारा त्रिसा इंग्लिश मीडियम स्कूल में अध्ययनरत उनके पुत्र को आवारा कुत्ते द्वारा क्लास रूम में घुसकर काटनें के संबंध में विद्यालय प्रबंधन के खिलाफ समुचित जांच कराकर दोषियों के विरूद्ध उचित कानूनी कार्यवाही कराये जानें का अनुरोध किया गया है।अतःउक्त प्रकरण की तत्काल समुचित जांच कर दोषियों के विरूद्ध उचित कार्यवाही प्रस्तावित कर कार्यवाही से अवगत कराया जाए।

*_पीड़ित अभिभावक ने जांच प्रतिवेदन पर जाहिर की असंतुष्टि_*
जनसुनवाई में प्राप्त आवेदन के बाद जिला शिक्षा अधिकारी अनूपपुर द्वारा त्रिशा इंग्लिश मीडियम स्कूल भाद की जांच हेतु प्राचार्य शा.उ.मा.वि. भाद को जारी पत्र के संदर्भ में की गई जांच तथा जिला शिक्षा अधिकारी अनूपपुर को सौंपे गए जांच प्रतिवेदन तथा जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी आदेश की जानकारी के बाद पीड़ित अभिभावक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी के समक्ष असंतुष्टि जाहिर करते हुए,प्राचार्य शा.उ.मा.वि.भाद द्वारा किए गए जांच को गलत एवं पक्षपात पूर्ण बताया है,अभिभावक का कहना है कि जांच अधिकारी द्वारा त्रिशा इंग्लिश मीडियम स्कूल प्रबंधन को बचाने को बचाने के उद्देश्य से इस तरह का गलत और तथ्यहीन जांच प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को सौंपा गया है।जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा दोषी जांच अधिकारियों पर कार्यवाही के साथ ही पुनः स्कूल की सही जांच कराए जाने का आश्वासन अभिभावक को दिया है।

*_तो क्या हेडमास्टर और अतिथि शिक्षक दोनों एक साथ..?_*
पीड़ित अभिभावक द्वारा जिला शिक्षा अधिकारी को जानकारी प्रदान देते हुए बताया गया कि त्रिशा इंग्लिश मीडियम स्कूल की हेडमास्टर जो शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भाद में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य कर रही है,और यदि वह दोनों स्कूलों की उपस्थिति पंजी में अपनी उपस्थिति दर्ज कर रही है,तो यह नियम विरुद्ध है।
अब सवाल यह भी उठता है कि क्या त्रिशा इंग्लिश मीडियम स्कूल की हेडमास्टर को प्राचार्य शा.उ.मा.वि.भाद द्वारा अतिथि शिक्षक के पद पर अपने विद्यालय में किसी जानकारी के अभाव में पदस्थ किया गया या फिर जानबूझकर यह तो जांच का विषय है..?विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा शा.उ.मा.वि.भाद और त्रिशा इंग्लिश मीडियम स्कूल भाद दोनों के दैनिक उपस्थिति पंजी और अन्य दस्तावेजों में दर्ज नामों और उनके हस्ताक्षरों की जांच के बाद हो सकता है कि सच सामने आ जाए..?

*इनका कहना है कि*
हमारे द्वारा जांच के पश्चात प्रतिवेदन जिला शिक्षा अधिकारी को सौंप दिया गया है।जांच में स्कूल नियम विरुद्ध तरीके से संचालित होना पाया गया है,साथ ही विद्यालय के उपस्थिति पंजी में हेडमास्टर में कविता प्रजापति उनका नाम दर्ज नहीं था,वो संचालक है।तथा हमारे विद्यालय में अतिथि शिक्षक के रूप में कई वर्षों से कार्य कर रही हैं।

*अंजलि सिंह*
*प्राचार्य,शा.उ.मा.वि.भाद*

मंत्री जी से प्राप्त पत्र को संज्ञान में लेकर हमारे द्वारा बीईओ तथा दो शिक्षकों की दोबारा जांच टीम गठित कर दी गई है।पूर्व में संकुल प्राचार्य द्वारा जांच करके प्रतिवेदन दिया गया है।हमे जानकारी मिली है कि उक्त निजी विद्यालय की हेडमास्टर भाद शासकीय स्कूल में अतिथि शिक्षक के रूप में कार्य कर रही हैं।उक्त सभी मामलों में जांच प्रतिवेदन प्राप्त होने के बाद हमारे द्वारा उचित कार्यवाही की जाएगी।

*तुलाराम आर्मो*
*जिला शिक्षा अधिकारी, अनूपपुर*

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