मोहन सरकार का बड़ा ऐलान: वृद्धावस्था पेंशन जारी, जरूरतमंदों को मंत्री देंगे ₹25 हजार तक सहायता
प्रदेश में वृद्धावस्था पेंशन, शहरी एवं ग्रामीण मार्गों के निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सिंचाई सुविधाओं से जुड़ी योजनाओं के लिए 29 हजार 540 करोड़ रुपये से अधिक की स्वीकृति सोमवार को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में दी गई। इसके साथ ही सिंचाई सुविधा में विस्तार के लिए नीमच जिले की खुमान सिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को मंजूरी देने के साथ ही बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना लागत में वृद्धि के प्रस्ताव को अनुमति दी गई।
सड़कों और वृद्धावस्था पेंशन के लिए भारी-भरकम बजट
शहरों और गांवों की सड़कों पर 6,900 करोड़ रुपये खर्च होंगे। बैठक में शहरी एवं नगरीय सड़कों के नव निर्माण, उन्नयन सहित सुदृढ़ीकरण से संबंधित योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक निरंतर रखने का निर्णय लिया गया। इसमें नए निर्माण और उन्नयन पर 2,100 करोड़ और सुदृढ़ीकरण के काम पर 4,800 करोड़ रुपये व्यय होंगे। वहीं, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना को आगामी पांच वर्षों तक निरंतर रखने में 6116 करोड़ रुपये व्यय होंगे। योजना में गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के वृद्धजनों को पात्रतानुसार 600 रुपये प्रतिमाह पेंशन दी जाती है। कोषालयों की स्थापना, लंबित देनदारियों के भुगतान से संबंधित योजनाओं के साथ लेखा प्रशिक्षण शालाओं की स्थापना, विभागीय परिसंपत्तियों का संधारण सहित अन्य कार्यों के लिए 115,598 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है।
बुदनी मेडिकल कॉलेज और नीमच सिंचाई परियोजना को मिली गति
बुदनी में एमबीबीएस, नर्सिंग और पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना के लिए 714.91 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए थे। यह लागत 48.49 करोड़ रुपये बढ़ गई है। कैबिनेट ने 763.40 करोड़ रुपये की पुनरीक्षित स्वीकृति दे दी। इससे 100 एमबीबीएस सीट प्रवेश क्षमता का नया मेडिकल कॉलेज और 500 बिस्तर का संबद्ध अस्पताल स्थापित किया जाएगा। साथ ही नर्सिंग पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता का नर्सिंग कॉलेज और पैरामेडिकल पाठ्यक्रमों के लिए 60 सीट प्रवेश क्षमता का पैरामेडिकल कॉलेज बनाया जाएगा। इसी तरह नीमच जिले की खुमान सिंह शिवाजी जलाशय सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 164 करोड़ रुपये की स्वीकृति भी दी गई। परियोजना की ऊंचाई एक मीटर बढ़ाने से नीमच तहसील के 22 ग्रामों की 5,200 हेक्टेयर भूमि में सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। उच्च न्यायालय जबलपुर के सामने मल्टीलेवल वाहन पार्किंग के निर्माण और बार ऑफिस निर्माण की लागत राशि को विभागीय सूचकांक की गणना से मुक्त रखे जाने की स्वीकृति दी गई है।
राज्यमंत्रियों के स्वेच्छानुदान में वृद्धि और ठेकेदारों को राहत
कृष्णा गौर के सुझाव पर राज्यमंत्रियों का स्वेच्छानुदान बढ़ा दिया गया है। कैबिनेट मंत्री एक बार में एक व्यक्ति को 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दे सकते हैं। 25 से बढ़ाकर इसे 40 हजार किया गया था लेकिन राज्यमंत्रियों का स्वेच्छानुदान नहीं बढ़ा था। राज्यमंत्री कृष्णा गौर ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के संज्ञान में यह बात लाई। उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को इसके निर्देश दिए और अब तय किया गया है कि राज्यमंत्री एक वर्ष में एक व्यक्ति को 25 हजार रुपये का स्वेच्छानुदान दे सकेंगे। यह सीमा अभी तक 16 हजार थी।
इसके साथ ही, बिटुमिन की बढ़ी कीमत की भरपाई सरकार करेगी। वैश्विक परिस्थितियों के कारण पेट्रोलियम पदार्थों की आवक प्रभावित हुई है। इसके कारण सड़क निर्माण में उपयोग होने वाले बिटुमिन (डामर) की कीमतें बढ़ने के साथ उपलब्धता पर भी असर पड़ा है। डामर की दरों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। निर्माण कार्यों पर पड़ रहे असर को देखते हुए सरकार ने दस करोड़ रुपये से कम लागत वाले कामों में अंतर की राशि की भरपाई करने का निर्णय किया है। मासिक दर के आधार पर मूल्य समायोजन का लाभ दिया जाएगा। इसमें डामर की बढ़ी हुई दरों का बोझ ठेकेदारों के ऊपर नहीं आएगा। एक मई से 30 जून 2026 तक की अवधि में खरीदे गए बिटुमिन के लिए यह प्रावधान लागू होंगे।


