काशी में आयोजित हुआ देश का पहला पंच सम्मेलन,
विकसित भारत–जी राम जी अधिनियम के तहत देश के पहले “पंच सम्मेलन” के आयोजन में यूपी, बिहार, झारखंड और उत्तराखंड के ग्राम प्रधानों ने ग्राम्य विकास के माध्यम से अगले 25 वर्षों में विकसित भारत बनाने की योजना का रोडमैप तैयार करने पर चर्चा की।
कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय ग्रामीण विकास राज्य मंत्री कमलेश पासवान करेंगे, जबकि उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। इसके अलावा केंद्र और राज्य सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, ग्रामीण विकास विशेषज्ञ तथा विभिन्न राज्यों के प्रतिनिधिमंडल भी सम्मेलन में भाग लेंगे।
को मिलेगा विकास का नया रोडमैप
सम्मेलन का उद्देश्य पंचायतों को अधिक सशक्त और आत्मनिर्भर बनाते हुए ग्रामीण विकास को नई दिशा देना है। कार्यक्रम में ‘विकसित भारत – गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (जी राम जी) अधिनियम, 2025’ के तहत पंचायतों की भूमिका, स्थानीय विकास योजनाओं और जनभागीदारी पर विस्तृत चर्चा होगी।
योजना के तहत ग्राम पंचायतों को स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों की प्राथमिकता तय करने की अधिक स्वतंत्रता देने का प्रस्ताव है। जल संरक्षण, बुनियादी ढांचा, आजीविका, पर्यावरण संरक्षण और जलवायु परिवर्तन जैसे विषयों पर विशेष जोर रहेगा।
मनरेगा श्रमिकों पर भी रहेगा फोकस
सम्मेलन में मनरेगा से जुड़े श्रमिकों और कर्मचारियों के समायोजन तथा मजदूरी बढ़ाने जैसे विषयों पर भी चर्चा होगी। प्रस्तावित व्यवस्था के अनुसार उत्तर प्रदेश में मनरेगा मजदूरी 252 रुपये से बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन किए जाने का उल्लेख किया गया है।
देशभर से आएंगे 300 ग्राम प्रधान
इस सम्मेलन में देश के विभिन्न राज्यों से उत्कृष्ट कार्य करने वाले लगभग 300 ग्राम प्रधान भाग लेंगे। उनके साथ ग्रामीण विकास मंत्रालय, उत्तर प्रदेश ग्राम्य विकास विभाग और अन्य संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहेंगे।



