इंफर्टिलिटी यानी बांझपन को अक्सर महिलाओं से जोड़कर देखा जाता है, लेकिन विशेषज्ञों के मुताबिक गर्भधारण में परेशानी के पीछे पुरुषों से जुड़े कारण भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। कई मामलों में पुरुषों की प्रजनन क्षमता प्रभावित होने के कारण दंपती को गर्भधारण में कठिनाई का सामना करना पड़ता है।
विशेषज्ञों के अनुसार पुरुषों में इंफर्टिलिटी के प्रमुख कारणों में स्पर्म काउंट कम होना, स्पर्म की गतिशीलता में कमी और स्पर्म की गुणवत्ता प्रभावित होना शामिल हैं। इसके अलावा हार्मोनल असंतुलन, प्रजनन तंत्र से जुड़ी समस्याएं और कुछ आनुवंशिक कारण भी पुरुष प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकते हैं।
लाइफस्टाइल भी बन सकती है वजह
आज की बदलती जीवनशैली का असर पुरुषों की फर्टिलिटी पर भी पड़ सकता है। धूम्रपान, अत्यधिक शराब का सेवन, मोटापा, लंबे समय तक तनाव, नींद की कमी और शारीरिक गतिविधि की कमी जैसे कारक प्रजनन स्वास्थ्य को प्रभावित कर सकते हैं। अत्यधिक गर्मी के संपर्क में रहना भी कुछ मामलों में स्पर्म उत्पादन पर असर डाल सकता है।
समय पर जांच जरूरी
गर्भधारण में लगातार परेशानी होने पर केवल महिला की जांच कराने के बजाय पति-पत्नी दोनों की जांच कराना महत्वपूर्ण माना जाता है। पुरुषों में सामान्यतः सीमेन एनालिसिस के जरिए स्पर्म काउंट, उनकी गतिशीलता और आकार जैसी चीजों का आकलन किया जाता है। जरूरत के अनुसार डॉक्टर अन्य जांच भी सलाह दे सकते हैं।
समस्या का इलाज संभव
इंफर्टिलिटी का मतलब यह नहीं है कि गर्भधारण संभव नहीं होगा। कारण के आधार पर दवाओं, जीवनशैली में बदलाव, सर्जरी या सहायक प्रजनन तकनीकों के जरिए उपचार किया जा सकता है। इसलिए समस्या को लेकर झिझकने के बजाय योग्य डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
विशेषज्ञों का कहना है कि पुरुषों और महिलाओं दोनों की प्रजनन क्षमता से जुड़े कारणों को समान रूप से समझना और समय पर जांच कराना जरूरी है। इससे समस्या की सही वजह पता लगाने और उचित उपचार शुरू करने में मदद मिल सकती है।



