मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश सरकार किसानों के कल्याण और उनकी आय बढ़ाने के लिए कृषि के साथ-साथ पशुपालन और उद्यानिकी को भी लगातार बढ़ावा दे रही है। सरकार का प्रयास है कि किसानों को खेती के साथ आय के अतिरिक्त साधन उपलब्ध हों और वे आर्थिक रूप से अधिक मजबूत बनें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि क्षेत्र को आधुनिक तकनीक से जोड़ने, उत्पादन बढ़ाने और किसानों को बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है। फसल विविधीकरण को प्रोत्साहित करने के साथ किसानों को उद्यानिकी फसलों की ओर भी आकर्षित किया जा रहा है, जिससे कम लागत में बेहतर आय के अवसर मिल सकें।
उन्होंने कहा कि पशुपालन ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। दुग्ध उत्पादन, पशुधन संवर्धन और पशुपालन से जुड़ी गतिविधियों को प्रोत्साहन देकर किसानों की आमदनी बढ़ाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सरकार किसानों को आधुनिक पशुपालन तकनीक और आवश्यक सुविधाओं से जोड़ने पर भी जोर दे रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि उद्यानिकी क्षेत्र में फल, सब्जी, मसाला और फूलों की खेती की व्यापक संभावनाएं हैं। किसानों को इन क्षेत्रों में आगे बढ़ाने के लिए तकनीकी मार्गदर्शन, प्रशिक्षण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि कृषि, पशुपालन और उद्यानिकी को एक-दूसरे से जोड़कर किसानों के लिए आय के विविध स्रोत तैयार किए जा सकते हैं। प्रदेश सरकार इसी समग्र दृष्टिकोण के साथ ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और किसानों के जीवन में खुशहाली लाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।



