भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने गैर-निवासी भारतीयों (NRI) और विदेशी निवेशकों से करीब 9 से 10 अरब डॉलर जुटाने का लक्ष्य रखा है। SBI के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी के अनुसार, बैंक अगस्त के अंत तक इस लक्ष्य को हासिल करने की उम्मीद कर रहा है। इस रकम का बड़ा हिस्सा विदेशी मुद्रा जमा के जरिए आने की संभावना है।
31 अगस्त को समाप्त हो रही विशेष स्वैप सुविधा
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने Foreign Currency Non-Resident Bank (FCNR-B) जमा के लिए विशेष स्वैप विंडो की अंतिम तारीख को पहले के 30 सितंबर से घटाकर 31 अगस्त 2026 कर दिया है। इसी वजह से बैंक इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए तेजी से विदेशी मुद्रा जमा जुटा रहे हैं।
SBI के कारोबार में भी बड़ा लक्ष्य
SBI ने 2030 तक अपने कुल कारोबार को करीब 200 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा है। जून 2026 के अंत में बैंक का कुल कारोबार 110.01 लाख करोड़ रुपये था। चेयरमैन के मुताबिक, भारतीय अर्थव्यवस्था के 7-8 प्रतिशत की दर से बढ़ने पर बैंक की बैलेंस शीट में भी तेज विस्तार की क्षमता है।
विदेशी मुद्रा प्रवाह में भी तेजी
RBI की विशेष स्वैप सुविधा के तहत 21 अगस्त तक करीब 72.85 अरब डॉलर का विदेशी मुद्रा प्रवाह दर्ज किया गया था, जिसमें FCNR(B) जमा का योगदान 65.397 अरब डॉलर रहा। इससे देश के विदेशी मुद्रा भंडार को भी मजबूती मिली है।
SBI की यह पहल बैंक के लिए कम लागत वाली विदेशी मुद्रा जुटाने और भविष्य में ऋण कारोबार को बढ़ाने की रणनीति का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जा रही है।



