रक्षाबंधन के बाद अब देशभर में आने वाले व्रत और त्योहारों को लेकर तैयारियां शुरू हो गई हैं। भाद्रपद माह में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी, कजरी तीज, हरतालिका तीज, गणेश चतुर्थी और पितृपक्ष जैसे कई महत्वपूर्ण धार्मिक अवसर पड़ेंगे। इन पर्वों को लेकर मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर तैयारियां तेज होने लगी हैं।
धार्मिक पंचांग के अनुसार, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के रूप में मनाई जाती है। इस दिन श्रद्धालु व्रत रखते हैं और मध्यरात्रि में भगवान कृष्ण के जन्म के समय विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। देशभर के कृष्ण मंदिरों में इस अवसर पर झांकियां, भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
इसके बाद हरतालिका तीज का पर्व आएगा। सुहागिन महिलाएं इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा कर अखंड सौभाग्य और सुखी दांपत्य जीवन की कामना करती हैं। वहीं गणेश चतुर्थी पर भगवान गणेश की प्रतिमा स्थापित कर विधि-विधान से पूजा की जाती है। कई शहरों में गणेशोत्सव को लेकर सार्वजनिक आयोजनों की तैयारियां भी शुरू हो जाती हैं।
सितंबर में पितृपक्ष का भी विशेष धार्मिक महत्व रहेगा। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों के निमित्त श्राद्ध, तर्पण और पिंडदान करते हैं। गया, प्रयागराज, हरिद्वार और उज्जैन जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर पितृ कर्म के लिए श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है।
आने वाले पर्वों को देखते हुए बाजारों में भी धार्मिक सामग्री, पूजा-सामग्री, सजावटी वस्तुओं और व्रत से जुड़े सामान की मांग बढ़ने लगी है। वहीं मंदिर समितियां भी विशेष पूजा और धार्मिक आयोजनों की तैयारियों में जुट गई हैं।



