कोतमा तहसील क्षेत्र अंतर्गत पीड़ित गंगावती पति -छोटे लाल यादव उम्र-48 वर्ष,निवासी वार्ड नं.-09 कलमुड़ी,कोतमा द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व तथा थाना प्रभारी कोतमा के समक्ष लिखित शिकायत करते हुए बताया गया कि पीड़ित के पति के साथ मो. हलीम पिता-मो जलील निवासी वार्ड नं.-07 बनियाटोला कोतमा द्वारा धोखाधड़ी एवं कूटरचित तरीके से रजिस्ट्री करा लिया गया है।
पीड़िता ने शिकायत में बताया कि पूर्व में मेरा पति छोटे लाल यादव शराब पीकर एक पटवारी से मारपीट करने के कारण जेल चला गया था । जिसको जमानत दिलाने के एवज मे मों हलीम द्वारा एक एकड़ भूमि की मांग की गई थी जिस पर मेरे पति छोटे लाल यादव की सहमति बन गई थी। जमानत होने के बाद मो हलीम द्वारा एक एकड़ भूमि रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया जिस पर मेरे पति एक एकड़ भूमि मो हलीम के नाम रजिस्ट्री कराने को तैयार हो गए,जिस पर मो हलीम द्वारा मेरे पति के शराबी एवं अनपढ़ होने का फायदा उठाते हुए धोखे से मेरे पति के पट्टे में दर्ज भूमि लगभग 10 किता की संपूर्ण भूमि को धोखधड़ी से अपने नाम मे रजिस्ट्री एवं नामांतरण करा लिया गया जिसका प्रार्थिया एवं उसके पति को कोई जानकारी नही हुई।जब उक्त भूमि का सीमांकन करने पटवारी आया जिस भूमि को हम जोतते बोते है उसको भी मो हलीम के नाम से सीमांकन किया जा रहा था जिससे हमे हमारे साथ हुए धोखाधड़ी का पता चला।जिसके बाद मेरे पति द्वारा मों हलीम से बातचीत करने पर उसने भूमि वापस करने को कह तो दिया लेकिन आज दिनाँक तक कुछ भी वापस नही किया और हमे भटकाया जा रहा है एवं कुछ बोलने पर जान से मारने की धमकी दी जा रही है।जिससे पीड़ित और उसका परिवार डरा सहमा हुआ है।जिस पर पीड़ित ने अपनी जान की सुरक्षा तथा भूमि वापस दिलाए जाने की गुहार शासन प्रशासन के सामने लगाते हुए उचित कार्यवाही की मांग की है।
_पूर्व में रियाजुद्दीन नामक पीड़ित ने भी मो. हलीम के खिलाफ की थी थाने में शिकायत_
ठीक इसी प्रकार के एक मामले में मो हलीम के विरुद्ध कुछ दिनों पूर्व फरियादी रियाजुददीन निवासी-चूकान द्वारा कोतमा थाने में लिखित शिकायत करते हुए बताया गया था कि वर्ष 2019 में भालूमाडा़ रोड विकास नगर स्थित भूमि खसरा नं 239 रकवा 20× 40 कुल 800 वर्गफिट का विक्रय पंजीयन कराया गया था !जिसमें 20 ×10 कुल 200 वर्ग फिट खसरा नं 237 स्वास्थ्य विभाग की शासकीय भूमि है जिसे मों हलीम अपनी भूमि बता कर मुझे बेच दिया।जब मै उक्त विक्रित भूमि पर निर्माण कार्य करना शुरू किया तो विवाद उत्पन्न हुआ और राजस्व विभाग की टीम द्वारा सीमांकन किया गया तो मुझे यह जानकारी लगी कि पूर्व दिशा की ओर स्वास्थ्य विभाग की शासकीय भूमि है जिसे कोतमा नगर पालिका द्वारा शासकीय भूमि में मेरे द्वारा किये गए अतिक्रमण को मुक्त करा दिया गया इस तरह मेरी 200 वर्ग फिट भूमि कम हो गई और मों हलीम द्वारा मुझसे पूरे 800 वर्ग फिट भूमि का पैसा ले लिया गया है जब मैंने मों हलीम से पैसा वापस या फिर उसके बदले जमीन की मांग की गई तो मों हलीम द्वारा साफ़ साफ़ मना कर दिया गया मों हलीम कह रहा कि मै जमीन बेच दिया हूँ अब सारे विवाद तुम समझों कुल मिलाकर रियाजुददीन का धन धर्म दोनों मों हलीम ने ले लिया !
अब सवाल यह है कि क्या दोनो फरियादियो रियाजुददीन और गंगावती यादव को न्याय मिल पाएगा और मों. हलीम के विरुद्ध शासकीय भूमि विक्रय करने एवं फरियादिया और उसके पति के साथ धोखाधड़ी कर उनकी जमीन हड़पने के मामले में शासन प्रशासन द्वारा कार्यवाही की जाएगी या फिर मों हलीम इसी तरह फर्जी तरीके से गरीबों के साथ धोखाधड़ी और शासकीय भूमि का क्रय विक्रय लगातार करता रहेगा…?



