प्रयागराज में मां गंगा के पावन धाम में शंकराचार्य वा संतों के साथ अभद्रता शर्मनाक : परम धर्म सांसद श्रीधर शर्मा*

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_आखिर हमारे देश में सनातनी ध्वज को लेकर चलने वाले संतों को निरंतर क्यों पीना पड़ रहा है अपमान का हलाहल?_

अमरकंटक/अनूपपुर परम धर्म सांसद श्रीधर शर्मा ने व्यथित मन और आक्रोशित स्वर में वर्तमान सरकार और उनकी सुरक्षा प्रणाली पर तंज कसते हुए कहा कि प्रयागराज में मां गंगा की पावन धरा जहां साधु संतों की तपोस्थली के रूप में शुमार है और कई संतों ने अपने तपोबल से मां गंगा के पावन धाम को सुसज्जित किया, आज वर्तमान समय में साधुओं और संतों को अपमान और उद्दंड मानसिकता का दंश झेलना पड़ रहा है जो कि आने वाले समय में सृष्टि के संचालन के दृष्टिगत उचित नहीं है और वर्तमान सरकार और उनकी सुरक्षा प्रणाली की यह शर्मनाक हरकत है, जो कि इस देश में सनातनी ध्वज को लेकर अग्रसर समस्त सनातनियों को प्रताड़ित करने पर आमादा हैं और निरंतर इस प्रकार के कृत्य आम हो चले हैं। श्री शर्मा ने बताया कि यह सुनकर मन व्यथित है कि ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य परम पूज्य गुरुदेव स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद महाराज अपने शिष्यों सहित मां गंगा के दर्शन व स्नान के लिए प्रयागराज पहुंचे थे, जहां सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही उत्तर प्रदेश पुलिस योगी राज में गुंडाराज चलाती हुई दिखाई दी और उनके शिष्यों को बाल पकड़कर मारपीट कर अपनी कुंठित मानसिकता का परिचय दिया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी जी स्वयं एक संत समुदाय के प्रतिष्ठित संत हैं, फिर उनके राज्य में संतो की यह दुर्दशा क्यों? आखिर संत समुदाय को कब तक इस प्रकार के अपमान का हलाहल पीना पड़ेगा? क्या संतो के ऐसे अपमान पर सरकार कोई ठोस कदम उठाएगी? कहीं संतो का यह अपमान किसी बड़े प्रलयंकारी परिणाम का संकेत तो नहीं?

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