*अनूपपुर* वन परिक्षेत्र बिजुरी में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ रेंजर पवन ताम्रकार की जीरो टॉलरेंस की नीति ने माफियाओं की कमर तोड़ दी है।अपनी गाड़ियां पकड़े जाने से बौखलाए वाहन मालिक ने अब प्रशासन पर दबाव बनाने का नया पैंतरा अपनाया है।वन विभाग के कार्यालय के बाहर तमाशा कर सरकारी कर्मचारियों को डराने और उन पर झूठे मुकदमे दर्ज कराने का खेल शुरू हो गया है। मिली जानकारी के अनुसार,जब वन विभाग की टीम अवैध रेत के खिलाफ कार्रवाई कर गाड़ियां जब्त कर रही थी,तब माफियाओं ने उसे रोकने का भरसक प्रयास किया।इस दौरान मौके पर मौजूद वन कर्मियों के साथ छीना झपटी करते हुए शासकीय कार्य में व्यवधान डाला गया।रेंजर की मुस्तैदी के कारण लोग अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो पाए,जिसके कारण कार्यवाही से बचने धरना-प्रदर्शन का सहारा लेकर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

*ट्रैक्टर मालिक का ‘शिफ्टिंग’ का बहाना,पुलिस में शिकायत*
वन विभाग के अनुसार कार्रवाई की आंच से बचने के लिए ट्रैक्टर मालिक रवि सिंह बघेल ने पुलिस का दरवाजा खटखटाया है।शिकायत में तर्क दिया गया है कि ट्रैक्टर अंचल ट्रेडर्स के काम में लगा था।लेकिन बड़ा सवाल यह है कि यदि ट्रैक्टर वैध कार्य में था,तो वन कर्मियों के साथ बदसलूकी और कार्यालय के बाहर हाई वोल्टेज ड्रामा क्यों किया गया? स्पष्ट है कि यह पूरी कवायद रेंजर और उनकी टीम के मनोबल को गिराने के लिए की जा रही है।

*उपवनमंडलाधिकारी कार्यालय से जारी हुआ नोटिस*
कार्यालय प्राधिकृत अधिकारी एवं उप वनमण्डलाधिकारी अनूपपुर द्वारा पत्र क्रमांक/2026/257,अनूपपुर दिनांक-16.01.2026 के द्वारा रवि सिंह उर्फ गुंडुल सिंह एवं वाहन चालक ओम पिता नरेश कुशवाहा निवासी कोठी,जिला अनूपपुर को वन अपराध प्रकरण क्रमांक 4669 / 21,दिनांक 13.01.2026 को जप्त वाहन ट्रैक्टर पॉवर ट्रेक MP65 ZA7949 ट्राली बिना नम्बर की में अवैध रेत 1.5 घ.मी.का उत्खनन एवं परिवहन करने के कारण जप्त की गई है।जप्त सम्पत्ति के विरूद्ध भारतीय वन अधिनियम 2027 की धारा 33 (1) ख, 41,42 के के तहत् वन अपराध पंजीबद्ध है,जिसमें परिक्षेत्राधिकारी बिजुरी द्वारा राजसात कार्यवाही हेतु प्रतिवेदन प्रस्तुत किए जाने पर कारण बताओ सूचना पत्र जारी करते हुए वाहन मालिक एवं चालक को जवाब पेश करने हेतु दिनांक 20.01.2026 निर्धारित किया गया है।
*प्रशासन के सामने बड़ी चुनौती*
ऐसा प्रतीत होता है कि मानोअवैध कारोबारियों ने अब नई रणनीति अपनाई है “यदि अधिकारी न बिके,तो उसे झूठे आरोपों में उलझा दो” बिजुरी में भी यही स्थिति दिख रही है। कही ऐसा तो नहीं कि रेंजर पवन ताम्रकार द्वारा की जा रही सख्त कार्रवाई से क्षेत्र के रसूखदारों के अवैध धंधे बंद हो रहे हो,जिसके कारण वे अब लामबंद होकर विभाग को डराने की कोशिश कर रहे हैं..?



