जिपं.सीईओ ने परासी सरपंच को किया पदमुक्त

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*कोतमा* – जनपद पंचायत अनूपपुर में सरपंच पद के दुरूपयोग पर ग्राम पंचायत परासी की महिला सरपंच को पद से हटा दिया गया है।इसके अलावा जिले में ऐसे कई ग्राम पंचायत है जहा महिला सरपंच होने के बावजूद पंचायत में बैठकर महिला के संबंधी कही पुत्र तो कही पति सरपंच का कार्यभार अपने कंधो में उठाकर दबंगई कर रहे हैं।इस पर शासन को ध्यान केन्द्रित करते हुये सख्त कार्यवाही की जानी चाहिये।

*_यह है पूरा मामला_*
मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत अनूपपुर ने अपने आदेश क्र.1536/जि.पं./पं.प्रको./धारा 40/2024 में बताया है कि जनपद पंचायत अनुपपुर के पत्र कमांक 1404/ज.पं./शि./2022 दिनांक 26.10.2022 द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में शिव कुमार पनिका सचिव ग्राम पंचायत परासी द्वारा अवगत कराया गया है कि ग्राम पंचायत परासी की सरपंच सुशीला बाई के पुत्र अभिषेक सिंह के द्वारा ग्राम पंचायत के हर प्रत्येक कार्य में हस्ताक्षेप किया जाता है।साथ ही सरपंच के मोबाइल से जान से मारने की धमकी सचिव को देते हुये वरिष्ठ कार्यालय के अधिकारियों को भी अपमानित शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है।जिसकी काल रिकार्डिंग सचिव के मोबाइल पर है।जबकि शासन का स्पष्ट निर्देश कि निर्वाचित महिला पदाधिकारियों एवं सदस्यों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों की उपस्थिति अथवा भागीदारी विधि विरुद्ध है।

*_नोटिस के बाद भी अनुपस्थित रही सरपंच_*
सरपंच सुशीला बाई ग्राम पचायत परासी द्वारा अपने पद का दुरूपयोग करते हुये अपने पुत्र अभिषेक सिंह द्वारा ग्राम पंचायतों में शासन द्वारा संचालित सभी कार्यों में हस्ताक्षेप किये जाने पर कार्यालयीन पत्र कंमाक/2686/अनूपपुर दिनांक 01.11.2022 द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर समक्ष में दिनांक 10.11.2022 को उपस्थित होकर जबाव प्रस्तुत करने हेतु निर्देशित किया गया था, इसके पश्चात् भी सुशीला बाई सरपंच अनुपस्थित रही।जिसके बाद पुनः कार्यालयीन पत्र कंमाक/5173/जि.पं./पंचा प्रको/ धारा 40/2023 अनूपपुर दिनांक 21.03.2024 द्वारा कारण बताओ सूचना पत्र जारी कर समक्ष में दिनांक 02.04.2024 को उपस्थित कराया जाकर दिनांक 23.04.2024 को उपस्थित होने हेतु निर्देशित किया गया था, सरपंच द्वारा नियत पेशी को उपस्थित होकर जबाव प्रस्तुत किया गया। सरपंच द्वारा प्रस्तुत जबाव समाधान कारक नहीं पाया गया। कार्यालयीन पत्र कंमाक/141/जि.प ध्/पंचा. प्रको/2024 अनूपपुर दिनांक 23.04.2024 द्वारा मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अनूपपुर से सरपंच द्वारा प्रस्तुत जबाव का परीक्षण कराये जाने हेतु लेख किया गया।

*_आदेश के बाद भी सरपंच द्वारा कार्यो के नहीं किये गए भुगतान_*
मुख्य कार्यपालन अधिकारी, जनपद पंचायत अनूपपुर का पत्र कमांक/633/ज.पं./अनूपपुर दिनांक 14.05.2024. द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन में लेख किया गया है कि,सचिव शिवकुमार पनिका द्वारा जिला खनिज प्रतिष्ठान निधि से स्वीकृत 02 स्टाप डैम निर्माण नगडारी नाला में शंकर सिंह के खेत के पास एवं परवनी तालाब में घाट निर्माण कार्य के भुगतान हेतु सचिव द्वारा ओटीपी जनरेट कर दिया गया है,किन्तु सरपंच श्रीमती सुशीला बाई द्वारा ओटीपी नहीं दिया जा रहा है। एवं सरपंच सुशीला बाई द्वारा कार्यों का भुगतान नहीं किया जा रहा है। उक्त दोनो कार्य गुणवत्ता विहीन हुआ है जिसकी जांच कराया जाने हेतु संरपच द्वारा लेख किया गया है। उक्त कार्यों की जांच कार्यपालन यंत्री आर.ई. एस. द्वारा अंतिम किश्त भुगतान के पूर्व किया जा चुका है, जिससे सरपंच सुशीला को अवगत कराया गया था,इसके पश्चात् भी सरपंच द्वारा जानबूझ कर कार्यों का भुगतान नहीं किया गया है।

*_बाजार बैठकी वसूली की राशि में भी गड़बड़ी_*
ग्राम पंचायत परासी में वर्ष 2022-23 अंतर्गत ग्राम सभा बैठक दिनांक 14.04.2022 परासी द्वारा गठित समिति जिसके अध्यक्ष देव सिंह पिता रतन सिंह को सौंपा गया है। समिति द्वारा प्रस्तुत हिसाब अनुसार जनवरी 2023 से दिसम्बर 2023 तक कुल वसूली राशि 29 हजार रूपये प्राप्त हुआ है जिसमें से राशि रू. 10,000 हजार मात्र खाते में जमा किया गया है, शेष राशि रू. 19,120/- व्यय किया जाना बताया गया है। 17 मार्च 2023 को सरपंच पुत्र को 4 हजार रूपये प्रदाय किया गया है एवं दिनांक 17 फरवरी 2023, दिनांक 20.04.2023 एवं अगस्त 2023 में कमशः 2-2 रसीद बुक राशि 9 सौ रूपये का क्रय किया गया है, इसके पश्चात् बिना रसीद के बाजार बैठक वसूली की गयी है, जो संदेहास्पद प्रतीत होता है। इस प्रकार सरपंच, श्रीमती सुशीला बाई द्वारा ग्राम पंचायत परासी में हाट बजार बैठकी में कुल योग राशि 19 हजार 1 सौ 20 रूपये का अवैधानिक तरीके से आहरण कर दुरूपयोग किये जाने का परीक्षण के दौरान आरोप प्रमाणित पाया गया।
वही दूसरी ओर कई बार सरपंच को समझाइश देते हुये पर्याप्त सुनवाई का अवसर प्रदान किया गया, इसके पश्चात् भी सरपंच द्वारा अपने पदीय दायित्वों एवं कार्यों पर कोई सुधार नहीं लाया गया और ना ही सुशीला बाई सरपंच द्वारा प्रस्तुत जबाव समाधान कारक नहीं पाया गया।जिस पर कार्यवाही करते हुए सुशीला बाई सरपंच ग्राम पंचायत परासी को उनके कृत्य तथा कर्तव्यों के निर्वहन में दोषी पाये जाने व शासन द्वारा जारी आदेश-निर्देशों का अवहेलना करने के दोषी पाये जाने के फलस्वरूप मध्यप्रदेश पंचायतराज एवं ग्रामस्वराज अधिनियम 1993 की धारा 40 के तहत् सरपंच पद से पदच्युत कर दिया गया है।

*_जिले के कई अन्य पंचायतों के भी खुल सकते हैं राज_*
शासन का स्पष्ट निर्देश है कि निर्वाचित महिला पदाधिकारियों एवं सदस्यों के स्थान पर अन्य व्यक्तियों की उपस्थिति अथवा भागीदारी विधि विरुद्ध है इसके बावजूद भी महिला के सगे संबंधी पंचायत की कुर्सी पर बैठकर अपनी धौंस दिखाते फिरते हैं और पंचायत के विकास कार्य में हस्ताक्षेप करते हैं। जनपद पंचायत अनूपुपर के कई ग्राम पंचायते है जहां मौके पर जाकर स्थानीय लोगों से पूछताछ करने पर महिला सरपंच के सगे संबंधी की हरकतों का राज खुल कर सामने आ सकता है।

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