*अनूपपुर* अनूपपुर वन मंडल की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है।कोतमा वन परिक्षेत्र के धुरवासिन बीट अंतर्गत वन विभाग में पदस्थ चौकीदार बाबूलाल सिंह ने आरोप लगाया है कि उसका 18 माह का वेतन तत्कालीन बीटगार्ड सोमपाल सिंह कुशराम द्वारा हड़प लिया गया।हैरानी की बात यह है कि इस गंभीर आरोप को दो वर्ष से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पीड़ित चौकीदार को आज तक उसका हक नहीं मिल सका है।

पीड़ित चौकीदार बाबूलाल सिंह के अनुसार, वह लगातार न्याय की आस में कलेक्टर कार्यालय और वन विभाग के अधिकारियों के चक्कर काट रहा है।हर बार उसे केवल आश्वासन ही मिला,लेकिन न तो दोषी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई और न ही उसका बकाया वेतन दिलाया गया। कार्रवाई के नाम पर विभाग की चुप्पी अब कई सवालों को जन्म दे रही है।
इस पूरे प्रकरण ने यह प्रश्न खड़ा कर दिया है कि क्या वन विभाग अपने ही कर्मचारियों के साथ हो रहे अन्याय पर भी लाचार है.?या फिर आरोपी बीट गार्ड को विभागीय संरक्षण प्राप्त हो रहा है,जिसके कारण आज तक उसके खिलाफ कार्रवाई नहीं हो सकी,या फिर एक गरीब चौकीदार की आवाज़ सिस्टम तक पहुंच ही नहीं पा रही है?
20 जनवरी को एक बार फिर चौकीदार बाबूलाल सिंह ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर अपनी फरियाद दोहराई और न्याय की गुहार लगाई। उसने प्रशासन से मांग की है कि उसके 18 माह के वेतन की राशि शीघ्र दिलाई जाए और दोषी अधिकारी/कर्मचारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।अब देखने वाली बात यह होगी कि प्रशासन इस बार केवल फाइलें आगे बढ़ाकर औपचारिकता निभाता है या वास्तव में पीड़ित चौकीदार को उसका मेहनताना दिलाने के लिए ठोस और प्रभावी कदम उठाता है। यह मामला न सिर्फ वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठाता है, बल्कि सिस्टम में बैठे जिम्मेदारों की संवेदनशीलता की भी कड़ी परीक्षा ले रहा है।



