सेडमैप के आउटसोर्सिंग साक्षात्कार पर गंभीर आरोप, चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठे सवाल*

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*अनूपपुर* मध्यप्रदेश के अनूपपुर जिले में स्वास्थ्य विभाग से जुड़े आउटसोर्सिंग नियुक्ति साक्षात्कार को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। यह मामला उद्यमिता विकास केंद्र (सेडमैप) के माध्यम से आयोजित साक्षात्कारों से जुड़ा है,जिसमें चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता,निष्पक्षता और वैधानिकता पर प्रश्नचिह्न लगाए गए हैं।

शिकायतकर्ता ने मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार)दिलीप जायसवाल एवं जिला कलेक्टर अनूपपुर को विस्तृत लिखित आवेदन सौंपकर पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है। शिकायतकर्ता वसंत कुमार पिता फूलचंद,निवासी धीरोल,जिला अनूपपुर (म.प्र.) द्वारा दिए गए आवेदन के अनुसार,सेडमैप के माध्यम से जिला अनूपपुर के लिए स्वास्थ्य विभाग अंतर्गत विभिन्न पदों कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं एम.टी.एस.(ग्रुप-डी)पर आउटसोर्सिंग नियुक्ति हेतु ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे।यह प्रक्रिया दिसंबर 2025 में प्रारंभ हुई,जिसमें कुल 895 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया।

साक्षात्कार की तिथियाँ और आधिकारिक पत्राचार*

शिकायत के अनुसार, सेडमैप द्वारा पत्र क्रमांक सेडमैप/मैनपावर/12025/8888/भोपाल दिनांक 12 दिसंबर 2025 के माध्यम से ऑनलाइन प्राप्त अभ्यर्थियों के साक्षात्कार की तिथियाँ निर्धारित की गईं। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार कम्प्यूटर ऑपरेटर–18 दिसबर 2025 (समय:सुबह 11 बजे),एम.टी.एस.(ग्रुप-डी) 19 दिसंबर 2025 (समय: सुबह 11 बजे),एम.टी.एस. (ग्रुप-डी) – 20 दिसंबर 2025 (समय: सुबह 11 बजे)इन साक्षात्कारों का आयोजन भोपाल स्थित सेडमैप कार्यालय,एमपी-16, अरेरा हिल्स,पुरानी जेल के सामने,निर्वाचन सदन के पास किया जाना दर्शाया गया है।इसके पश्चात,कार्यालय मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ),जिला अनूपपुर द्वारा पत्र क्रमांक PHME/0897/20255-OCHMO-ANP-COLL-1/669473/2025 13 दिसबर 2025 के माध्यम से अधिकारियों को साक्षात्कार हेतु नामांकित करने का उल्लेख है।वहीं,एक अन्य पत्र क्रमांक /मु.चि./2025/432 17 दिसंबर 2025 के जरिए 18,19 और 20 दिसंबर 2025 को भोपाल में साक्षात्कार आयोजित किए जाने की सूचना दी गई।

*साक्षात्कार पैनल पर लगाए गए आरोप*

शिकायत पत्र में उल्लेख है कि साक्षात्कार प्रक्रिया में प्रमुख रूप से डॉ.प्रवीन कुमार शर्मा (डीएचओ-2) तथा धीरज साहू (फार्मासिस्ट/स्टोर कीपर) की भूमिका रही।आरोप है कि इन अधिकारियों द्वारा साक्षात्कार की सूची पहले से तैयार रखी गई थी और अधिकांश चयन पूर्वनिर्धारित था।शिकायत के अनुसार,साक्षात्कार के दिनों में लगभग 112 लोगों की एक सूची पहले से मौजूद थी,जिनमें से अधिकांश कथित रूप से साक्षात्कार लेने वाले अधिकारियों के परिचित बताए गए हैं।आरोप है कि इन अभ्यर्थियों का चयन उनके निवास स्थान के अनुसार HSC, psc,CHC और DH जैसी स्वास्थ्य इकाइयों में पहले ही तय कर लिया गया था।

उपस्थिति,डेटा और चयन पर सवाल*

शिकायत में यह भी कहा गया है कि 112 नामों में से 21 अभ्यर्थी साक्षात्कार में उपस्थित ही नहीं हुए, इसके बावजूद उनके नाम चयन सूची में शामिल कर लिए गए। इसके अतिरिक्त, आरोप लगाया गया है कि इन 112 लोगों में से 59 अभ्यर्थियों का ऑनलाइन आवेदन डेटा सेडमैप की सूची में उपलब्ध ही नहीं है, यानी उनके नामों का कोई आधिकारिक डिजिटल रिकॉर्ड नहीं पाया गया।यह स्थिति पूरी चयन प्रक्रिया की वैधानिकता पर गंभीर सवाल खड़े करती है। शिकायतकर्ता के अनुसार,जिन अभ्यर्थियों ने वास्तव में ऑनलाइन आवेदन किया और साक्षात्कार में उपस्थित रहे,उन्हें दरकिनार कर दिया गया।और कई आवेदन कर्ताओं को साक्षात्कार के लिए बुलाया ही नहीं गया

*पैसे की मांग और दबाव के आरोप*

पत्र में एक और गंभीर आरोप यह है कि चयन के बदले 30,000 रुपये तक की अवैध मांग की गई।शिकायत के अनुसार,जिन अभ्यर्थियों ने यह राशि देने से इनकार किया,उन्हें उनके गृह जिले से 75 से 150 किलोमीटर दूर पदस्थ किया गया,जिससे कम वेतन में कार्य करना उनके लिए व्यावहारिक रूप से असंभव हो गया।इतना ही नहीं,आरोप है कि कई चयनित अभ्यर्थियों से त्यागपत्र और स्थानांतरण पत्र सेडमैप,सीएमएचओ एवं जीडीएस इंटरप्राइजेज को ई-मेल के माध्यम से पहले ही भिजवा लिए गए थे,जिससे यह संकेत मिलता है कि नियुक्ति प्रक्रिया साक्षात्कार से पहले ही पूरी कर ली गई थी।

वरिष्ठ अधिकारियों पर प्रभाव डालने का दावा*

शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया है कि 17 दिसंबर 2025 से 24 दिसंबर 2025 तक संबंधित अधिकारी सेडमैप भोपाल कार्यालय में उपस्थित रहे और सेडमैप के नोडल अधिकारी एवं अन्य अधिकारियों पर यह कहकर दबाव बनाया गया कि सूची में शामिल लोग जिला कलेक्टर एवं सीएमएचओ अनुपपुर से जुड़े तथा मंत्री के लोग हैं।आरोप के अनुसार,इस दौरान मोबाइल पर बातचीत कर विश्वास में लेकर सूची को अंतिम रूप दिया गया।

*कलेक्टर और मंत्री से जांच और कार्रवाई की मांग*

शिकायतकर्ता वसंत कुमार ने कलेक्टर अनूपपुर और स्वतंत्र राज्य मंत्री दिलीप जायसवाल से आग्रह किया है कि वे स्वयं इस पूरे प्रकरण का संज्ञान लें और स्वास्थ्य विभाग के संबंधित अधिकारियों डॉ. प्रवीन शर्मा एवं धीरज साहू द्वारा किए गए कथित भ्रष्टाचार को रोकने हेतु सख्त कदम उठाएं।उन्होंने जनहित और अपने हित में शीघ्र, निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराए जाने की मांग की है।शिकायत के साथ कई दस्तावेजों की छायाप्रति संलग्न की गई है जिनमें पत्राचार तिथियाँ,सूचियाँ और अन्य साक्ष्य शामिल बताए गए हैं।साथ ही,अन्य कथित पीड़ित आवेदकों के हस्ताक्षर भी आवेदन के साथ प्रस्तुत किए गए हैं।।

*राज्य मंत्री के निर्देश पर शिकायत की निष्पक्ष जांच के आदेश*

मध्यप्रदेश शासन के कुटीर एवं ग्रामोद्योग विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दिलीप जायसवाल द्वारा पत्र क्रमांक 162, दिनांक 11 फरवरी 2026 के माध्यम से जिला कलेक्टर, अनूपपुर को आवश्यक कार्रवाई हेतु निर्देशित किया गया है।उक्त पत्र में धीरौल निवासी शिकायत कर्ता बसंत कुमार द्वारा प्रस्तुत शिकायत को मूल रूप से प्रेषित करते हुए उसमें लगाए गए आरोपों की निष्पक्ष एवं तथ्यात्मक जांच कराने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री द्वारा स्पष्ट रूप से उल्लेख किया गया है कि प्रकरण की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए संबंधित आरोपों की जांच नियमानुसार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।राज्य मंत्री के इस निर्देश से प्रशासनिक स्तर पर मामले की पारदर्शी जांच की प्रक्रिया प्रारंभ होने की संभावना है।

प्रशासन की भूमिका पर नजर*

यह मामला सामने आने के बाद अब निगाहें जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग पर टिकी हैं कि वे इन आरोपों को किस गंभीरता से लेते हैं। यदि शिकायत में लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल आउटसोर्सिंग व्यवस्था की खामियों को उजागर करेगा, बल्कि चयन प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करेगा।फिलहाल यह पूरा मामला शिकायत और दस्तावेजों पर आधारित है। जांच के बाद ही सच्चाई स्पष्ट हो सकेगी। प्रशासनिक कार्रवाई और जांच रिपोर्ट का इंतजार अब आमजन और अभ्यर्थी कर रहे हैं।

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