*रेलवे जमीन पर 7 मीटर अतिक्रमण,सहायक मंडल अभियंता की सख्ती*

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अनूपपुर* अनूपपुर रेलवे क्षेत्र में अवैध अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।अमरकंटक चौक स्थित रेल पथ कार्यालय के बगल में रेलवे की जमीन पर लगभग 07 मीटर क्षेत्र में अवैध कब्जा किए जाने की शिकायत पर 14 फरवरी को नव पदस्थ सहायक मंडल अभियंता शहडोल ब्रजेशनाथ पांडेय ने स्वयं मौके पर पहुंचकर भौतिक सत्यापन किया और संबंधित अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

जानकारी के अनुसार रेलवे की जमीन पर अतिक्रमण की शिकायत सामने आते ही सीनियर सेक्शन इंजीनियर (कार्य) शहडोल द्वारा 19 जनवरी 2026 को पत्र क्रमांक इजी/कार्य/शहडोल/अवैध कब्जा/स.कु.श्री/2026/01 के माध्यम से चेतना नगर, अनूपपुर निवासी सतीश श्रीवास्तव को नामजद नोटिस जारी किया गया था।नोटिस में 7 दिवस के भीतर अवैध कब्जा हटाने का लिखित निर्देश दिया गया था।इसके बावजूद निर्धारित समयावधि में कब्जा नहीं हटाया गया, जिससे रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।14 फरवरी को सहायक मंडल अभियंता द्वारा स्थल निरीक्षण कर संबंधित रेल अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

 *कई स्तरों पर जांच, भूमिका संदेह के घेरे में*

सूत्रों के अनुसार, इस जमीन विवाद की जांच विभिन्न स्तरों पर चल रही है। मामले में रेलवे के संबंधित अधिवक्ता एवं अतिक्रमण निगरानी से जुड़े कुछ अधिकारियों की भूमिका भी संदेह के घेरे में बताई जा रही है। यदि समय रहते कार्रवाई की जाती तो यह स्थिति उत्पन्न नहीं होती,ऐसी चर्चा प्रशासनिक हलकों में जोरों पर है।

*प्रशासन की अगली कार्रवाई पर नजर*

अब देखना यह होगा कि रेलवे प्रशासन अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए कब तक सख्त कदम उठाता है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि सरकारी जमीन पर कब्जे के मामलों में यदि कड़ी कार्रवाई नहीं हुई तो भविष्य में ऐसे मामलों को बढ़ावा मिलेगा।

रेलवे भूमि पर अवैध कब्जे का यह मामला अब केवल अतिक्रमण तक सीमित नहीं रह गया, बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही और पारदर्शिता का भी बड़ा प्रश्न बन गया है।

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