अनूपपुर / प्रसव के बाद अस्पताल से माँ की छुट्टी होने से पहले ही नवजात शिशु का जन्म प्रमाण-पत्र जारी हो जाए। मुख्य रजिस्ट्रार (जन्म मृत्यु) एवं आयुक्त आर्थिक एवं सांख्यिकी मध्यप्रदेश ऋषि गर्ग ने इस आशय के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए हैं। पंजीकरण प्रक्रिया को सुगम और उपयोगकर्ता के अनुकूल बनाने के अपने प्रयास में, भारत के महारजिस्ट्रार कार्यालय ने नागरिक पंजीकरण प्रणाली में सुधार के लिए कई कदम उठाए हैं, जिसमें जन्म एवं मृत्यु रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1969 में संशोधन, राज्य जन्म एवं मृत्यु पंजीकरण नियमों में संगत संशोधन, एक नए केंद्रीय सीआरएस पोर्टल का विकास आदि शामिल हैं। जन्म प्रमाण पत्र के बढ़ते महत्व को देखते हुए, यह समय की मांग है कि यह प्रमाण पत्र नवजात शिशु की मां को अस्पताल से छुट्टी मिलने से पहले ही दे दिया जाए, खासकर सरकारी अस्पतालों द्वारा जहां कुल संस्थागत जन्मों में से 50 प्रतिशत से अधिक होते हैं। जन्म प्रमाण-पत्र अत्यंत महत्वपूर्ण दस्तावेज है। राज्य शासन के आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग द्वारा अस्पताल में ही नवजात शिशु का जन्म प्रमाण-पत्र बनाने के लिये दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। इससे जन साधारण को अपने शिशु का जन्म प्रमाण-पत्र बनवाने के लिए इधर-उधर नहीं भटकना पड़ेगा।
अस्पताल से नवजात शिशु की मां को छुट्टी होने से पहले ही जारी करना होगा नवजात शिशु का जन्म प्रमाण पत्र
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