*_नियमित जीएसटीधारक गरीब बनकर कर रहा भ्रष्टाचार_*

*अनूपपुर* जैतहरी जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत चोलना में संचालित माँ अम्बे ट्रेडर्स फर्म संचालक द्वारा विभिन्न ग्राम पंचायतों से निर्माण सामग्री सप्लाई के एवज में फर्म का बिल लगाकर लाखो की राशि का भुगतान प्राप्त किया गया है।
माँ अम्बे ट्रेडर्स फर्म संचालक पार्वती केवट निवासी चोलना द्वारा वर्ष 2021 में नियमित जीएसटी फर्म का पंजीयन जीएसटी विभाग से लेकर तब से मैटेरियल सप्लायर का कार्य ग्राम पंचायतों में किया जाता रहा है।उसके बावजूद भी अपने ही ग्राम पंचायत में गरीबी रेखा के तहत बीपीएल कार्ड का लाभ लेते हुए शासकीय राशन दुकान से हर महीने सरकारी राशन प्राप्त किया जा रहा है।
*_नियमित जीएसटीधारी बना बीपीएल कार्ड धारक_*
जीएसटी पोर्टल के अनुसार चोलना ग्राम पंचायत का एक नियमित जीएसटीधारी व्यक्ति जो शासन को हर महीने जीएसटी का भुगतान करता है,वह सरकारी राशन दुकान से हर महीने बीपीएल कार्डधारी बनकर सरकारी राशन भी ले रहा है।जबकि बीपीएल राशन कार्ड सरकार ने गरीब तबके के लोगों की आर्थिक मदद करने के लिए बनाया है जिनके पास घर तो है लेकिन उनकी कोई स्थिर आय नहीं है।इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप किस राज्य या गांव से हैं।उसके बावजूद राज्य सरकार के राशन मित्र वेबसाईट्स पर दर्ज जीएसटीधारी पार्वती केवट द्वारा बीपीएल कार्डधारी बनकर सात लोगों के हिस्से का राशन जून महीने तक लिया गया है।
वही सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार बीपीएल कार्डधारी सरकारी राशन प्राप्तकर्ता गरीब पार्वती केवट जिसके नाम से माँ अम्बे ट्रेडर्स नामक नियमित जीएसटी फर्म संचालित है,साथ ही उनके पति दो-दो जेसीबी मशीनों के मालिक भी बताए जा रहे है।
*_जीएसटी स्वतः रद्द होने के बाद भी पंचायतों में लग रहा बिल_*
जीएसटी विभाग की ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज जानकारी के अनुसार माँ अम्बे ट्रेडर्स चोलना नियमित जीएसटी (23EOGPP8957D1ZL)फर्म का पंजीयन वर्ष 2021 में हुआ था,किंतु मार्च 2025 में उक्त जीएसटी नंबर स्वतःरद्द हो चुका है,उसके बावजूद भी फर्म संचालक द्वारा उक्त जीएसटी नंबर का उपयोग कर ग्राम पंचायतों में निर्माण सामग्री सप्लाई का बिल लगाकर भुगतान प्राप्त करते हुए जीएसटी विभाग के नियमों का खुला उल्लंघन किया जा रहा है,जिस पर जीएसटी विभाग के अधिकारियों के द्वारा कार्यवाही किए जाने की नितांत आवश्यकता है।
*_वास्तविक गरीबों का हक छीन रहे जिले के अपात्र_*
गरीबों का हक मारने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाना चाहिए,अपात्रों के कार्ड रद्द कर जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई होनी चाहिए।क्योंकि यह मामला सिर्फ राशन तक सीमित नहीं है बल्कि गरीबों के अधिकार,सामाजिक न्याय और प्रशासनिक पारदर्शिता से सीधा जुड़ा हुआ है।अगर सक्षम लोग ही गरीबों की थाली से निवाला छीन लेंगे तो सरकारी योजनाओं की पूरी मंशा पर प्रश्नचिह्न लग जाएगा।बीपीएल कार्ड योजना का उद्देश्य समाज के सबसे कमजोर वर्ग तक भोजन और बुनियादी सुविधाएँ पहुँचाना है,जो कि घोटालों और अनियमितताओं की वजह से सवालों के घेरे में है।हाल ही में प्रदेश के कई जिलों से ऐसे मामले सामने आए हैं,जिनमें आयकरदाता,सरकारी कर्मचारी,शिक्षक और व्यापारी लोग भी बीपीएल कार्ड बनवाकर गरीबों के हिस्से का राशन हड़प रहे थे।जिसके बाद अनूपपुर जिले के भी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने संकेत दिया है कि विभाग द्वारा विशेष जांच अभियान चलाकर जिले के फर्जी बीपीएल कार्ड धारको पर कार्यवाही की जाएगी।



