अनूपपुर। जिला मुख्यालय में शुक्रवार दोपहर लगभग 2 बजे हुई महज आधे घंटे की बारिश ने नगर पालिका की जल निकासी व्यवस्था की पोल खोलकर रख दी। नगर के प्रमुख मार्ग पर स्थित प्रगतिशील ढाबा के सामने अनिल राठौर की दुकान में बारिश का पानी घुस गया, जिससे दुकान संचालक को आर्थिक एवं व्यावसायिक नुकसान का सामना करना पड़ा।
स्थानीय नागरिकों एवं व्यापारियों का कहना है कि यह समस्या नई नहीं है। वर्षों से बारिश के दौरान इसी क्षेत्र में जलभराव की स्थिति निर्मित होती रही है, लेकिन नगर पालिका परिषद द्वारा स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस पहल नहीं की गई। नालियों की समुचित सफाई, जल निकासी की प्रभावी व्यवस्था तथा आवश्यक निर्माण कार्यों के अभाव में हर वर्ष नागरिकों को परेशानी झेलनी पड़ती है।क्षेत्रवासियों का आरोप है कि नगर पालिका द्वारा समय-समय पर जल निकासी व्यवस्था को दुरुस्त करने के दावे किए जाते हैं, लेकिन पहली ही बारिश में उन दावों की वास्तविकता सामने आ जाती है। आधे घंटे की वर्षा में ही सड़कें जलमग्न हो गईं और पानी दुकानों तक पहुंच गया, जिससे नगर प्रशासन की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों से स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जलभराव प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे कराया जाए तथा स्थायी जल निकासी योजना बनाकर उसका तत्काल क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। नागरिकों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आगामी मानसून में स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।
यह प्रश्न अब केवल एक दुकान या एक मोहल्ले का नहीं, बल्कि पूरे नगर की बुनियादी सुविधाओं और प्रशासनिक जवाबदेही का बन चुका है। आखिर हर वर्ष एक जैसी समस्या सामने आने के बावजूद नगर पालिका प्रशासन और जिला प्रशासन स्थायी समाधान क्यों नहीं खोज पा रहे हैं? जनता को अब आश्वासनों नहीं, बल्कि जमीन पर दिखाई देने वाले परिणामों की अपेक्षा है।नगरवासियों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय करते हुए जलभराव की समस्या के स्थायी निराकरण हेतु ठोस कार्ययोजना बनाई जाए, ताकि भविष्य में नागरिकों एवं व्यापारियों को इस प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।



