*सीमा विवाद में उलझा नवनिर्मित चेक डैम का मामला,एसडीएम से हुई शिकायत

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*कोतमा* ग्राम पंचायत सकोला जनपद पंचायत अनूपपुर के सरपंच एवं सचिव द्वारा राज्य वित्त आयोग योजना अंतर्गत जनपद पंचायत स्तरीय मद से लाखो की लागत से चेक डैम का निर्माण एक नाले पर किया जा रहा है,निर्माण कार्य लगभग पूर्णता की ओर है,जिसका मूल्यांकन कर निर्माण राशि का भुगतान किया जाना है,किंतु उक्त निर्माण कार्य स्थल को लेकर ग्राम पंचायत सकोला एवं ग्राम पंचायत पिपरिया (जनपद पंचायत कोतमा)के बीच असमंजस की स्थिति निर्मित हो गई है,दोनो ग्राम पंचायतों के द्वारा चेक डैम निर्माण स्थल के आराजी खसरा नंबर को अपने ग्राम पंचायत हल्का का हिस्सा बताया जा रहा है तथा दोनों ग्राम पंचायतों के सरपंच तथा सचिव उक्त निर्माण स्थल नाले को अपने अपने ग्राम पंचायतों का हिस्सा बताकर संबंधित पुख्ता रिकॉर्ड अपने पास होने की बात कर रहे है।

*पटवारी,आरआई की टीम ने किया स्थल निरीक्षण*
उक्त विवादित मामले में ग्राम पंचायत पिपरिया के सरपंच खेलावन सिंह के द्वारा उक्त नाले में निर्माणाधीन चेक डैम पर दर्ज आपत्ति के उपरांत अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा के आदेश पर पटवारी तथा आरआई की संयुक्त टीम द्वारा निर्माण स्थल पर उपस्थित सरपंच सचिव तथा जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में जांच प्रतिवेदन सौंपा गया जिसमे उपस्थित जनों द्वारा हस्ताक्षर किया गया किंतु ग्राम पंचायत पिपरिया सरपंच द्वारा आपत्ति दर्ज कराते हुए मौका पंचनामे पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया गया।वही राजस्व की टीम द्वारा जांच के दौरान पाया गया कि ग्राम-सकोला की सीमा नाला खसरा नम्बर-648 एवं ग्राम-पिपरिया की सीमा नाला खसरा नम्बर-951 पर उक्त चेक डेम निर्माणाधीन है तथा उक्त निर्माणाधीन चेक डैम दोनों ग्राम की सीमा पर बन रहा है तथा दोनों उपरोक्त आराजिया म.प्र.शासन की भूमि है जबकि मुख्य कार्यपालन अधिकारी अनूपपुर द्वारा प्राप्त पत्र में उक्त चेक डैम निर्माण कार्य खसरा नम्बर-632 पर होना बताया गया है,किन्तु मौका स्थिति अनुसार उक्त निर्माण खसरा नम्बर-632 से लगभग 10 मी. की दूरी पर पर खसरा नंबर-648 व खसरा नंबर-951 पर नाले की आधी-आधी सीमा पर निर्माणाधीन है।

*पिपरिया द्वारा नाले में किए गए थे पूर्व चेक डैम निर्माण*
ग्राम पंचायत पिपरिया के सरपंच खेलावन सिंह ने बताया कि बिना हमे जानकारी के उक्त नाले में अवैध चेक डैम का निर्माण कार्य ग्राम पंचायत सकोला द्वारा कराया गया है,लेकिन इससे पूर्व उक्त नाले में हुए समस्त चेक डैम का निर्माण ग्राम पंचायत पिपरिया (जनपद पंचायत कोतमा) द्वारा कराया गया था।वही नवनिर्मित चेक डैम से महज कुछ ही कदमों की दूरी पर आज से लगभग 03 वर्ष पूर्व निर्मित चेक डैम का निर्माण भी पिपरिया ग्राम पंचायत द्वारा किया गया था जिसे रात के अंधेरे में निर्माणकर्ताओं द्वारा जेसीबी के माध्यम से तोड़कर नए चेक डैम का निर्माण सरकारी राशि के भ्रष्टाचार और बंदरबांट हेतु किया गया है।ग्राम पंचायत सकोला के सरपंच,सचिव के साथ साथ जनपद अनूपपुर के एसडीओ और उपयंत्री द्वारा राशि भुगतान की जल्दबाजी में गुणवत्ताविहीन नए चेक डैम का निर्माण बिना हमारी जानकारी के करवा दिया गया।

*_पिपरिया सरपंच ने की मामले की लिखित शिकायत_*
वही उक्त मामले में ग्राम पंचायत पिपरिया (जनपद पंचायत कोतमा) के सरपंच खेलावन सिंह द्वारा अनुविभागीय अधिकारी राजस्व कोतमा को शिकायती पत्र सौपकर बताया गया कि विषयांकित भूमि पर सरपंच एवं सचिव ग्राम पंचायत सकोला द्वारा जबरन अवैध रूप से चेक डैम का निर्माण कराया जा रहा है और जब स्वयं मेरे एवं सचिव के द्वारा मौके पर जाकर देखा गया तो पता चला कि उक्त भूमि पिपरिया हल्का में आता है जिसका खसरा न.951 रकवा
0.3680 हेक्टेयर भूमि है।जिसके बाद मेरे एवं सचिव के द्वारा चेक डैम निर्माण कार्य को बंद करने के लिए कहा गया जिस पर उनके द्वारा यह कहा गया की जहा पर चेक डैम का निर्माण हो रहा है वह सकोला हल्का में आता है जिसका पुख्ता रिकॉर्ड ग्राम पंचायत सकोला के पास है।किंतु मौके पर यह पाया गया की जहा पर निर्माण हो रहा है वह पिपरिया हल्के में मौजूद है जो की रिकॉर्ड के अनुसार सत्य एवं सही है विषयांकित भूमि ग्राम पंचायत पिपरिया की सीमा में स्थित
है तथा हो रहे निर्माण कार्य पर रोक लगाया जाना आवश्यक है ताकि शासन के पैसे का दुरूपयोग होने से बचाया जा सके।जिसके बाद ग्राम पंचायत पिपरिया के सरपंच द्वारा अपने शिकायत में सरपंच एवं सचिव ग्राम पंचायत (सकोला जनपद पंचायत अनूपपुर) द्वारा कराये जा रहे हैं अवैध चेक डैम निर्माण कार्य को तत्काल बंद कराकर संबंधित जनो के विरुद्ध उचित कार्यवाही किए जाने की मांग की है।

*_टूटे चेक डैम ने खोली गुणवत्ता की पोल_*
ग्राम पंचायत पिपरिया के सरपंच द्वारा पिपरिया पंचायत द्वारा लगभग 03 वर्ष  पूर्व नाले में निर्मित चेक डैम को तोडे जाने की जानकारी के आधार पर  संबंधित चेक डैम के निरीक्षण के दौरान पंचायतों के निर्माण कार्य की गुणवत्ता की पोल खोलकर रख दी।लगभग 03 वर्ष पूर्व निर्मित उक्त चेक डैम में केवल लोहे की तीन सरियो एवं  रेत,सीमेंट और गिट्ट की ढलाई कर अति गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य कर सरकारी राशि का बंदरबाट कर दिया गया।और जिम्मेदार तत्कालीन सरपंच,सचिव और एसडीओ द्वारा घटिया निर्माण कार्य का मूल्यांकन कर निर्माण राशि का बंदरबांट कर दिया गया।

*_आखिर किसकी अनुमति से तोड़ा गया पुराना निर्माण कार्य..?_*
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व निर्मित चेक डैम को तोड़ा गया है,जबकि शासन के नियमानुसार किसी भी पुराने निर्माण कार्य को तोड़ने या ध्वस्त करने के लिए बकायदा शासन या जिम्मेदार विभाग से अनुमति लेने की जरूरत होती है,तो निर्माण एजेंसी द्वारा उक्त नाले में किसी दूसरे पंचायत द्वारा पूर्व में निर्मित चेक डैम को तोड़ने की अनुमति ली गई या नहीं..?या फिर नया निर्माण कार्य कराकर सरकारी राशि के बंदरबाट के उद्देश्य से उक्त चेक डैम को तोड़ा गया है,यह भी शासन प्रशासन तथा संबंधित विभाग के लिए एक जांच का विषय है..?

*इनका कहना है*
ग्राम पंचायत सकोला द्वारा हमारे हल्का पंचायत अंतर्गत बिना जानकारी  अवैध निर्माण कार्य कराया गया है,जिसकी शिकायत मेरे द्वारा एसडीएम साहब से की गई है।

*खेलावन सिंह*
*सरपंच,ग्राम पंचायत पिपरिया*

हमारे द्वारा निर्माण स्थल पर जाकर निरीक्षण किया गया है,उक्त चेक डैम निर्माण कार्य दोनो पंचायतों की सीमा के बीच में हुआ है,पंचनामा हम एसडीएम साहब को सौप दिया है।

*राजस्व निरीक्षक*

निर्मित चेक डैम नाले के बीच में बना हुआ है,निर्माण प्रारंभ करने के दौरान मुझे सही जानकारी नहीं दी गई थी, पिपरिया सरपंच के आपत्ति के बाद ज्ञात हुआ कि पूरा नाला पिपरिया हल्का में आ रहा है,इसलिए उनके एनओसी के बाद ही निर्माण कार्य का मूल्यांकन मेरे द्वारा किया जायेगा।

*लव श्रीवास्तव*
*उपयंत्री,सकोला पंचायत*

मामला मेरे संज्ञान में है,चेक डैम की गुणवत्ता चेक कराने के बाद ही मामले को सुलझाकर भुगतान किया जाएगा।

*ऊषा किरण गुप्ता*
*सीईओ,बदरा जनपद*

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