उत्तर प्रदेश सरकार ने मिड-डे मील यानी पीएम पोषण योजना के तहत काम करने वाले रसोइयों के लिए बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश के करीब 3.53 लाख रसोइयों का मासिक मानदेय 1,000 रुपये बढ़ाकर 3,000 रुपये कर दिया गया है। इससे लंबे समय से मानदेय बढ़ाने की मांग कर रहे रसोइयों को राहत मिलेगी।
जानकारी के मुताबिक, रसोइयों को पहले 2,000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था। अब इसमें 1,000 रुपये की बढ़ोतरी की गई है। इसके अलावा रसोइयों को यूनिफॉर्म के लिए 500 रुपये और ग्लव्स के लिए 400 रुपये की अतिरिक्त राशि भी दी जाती है।
प्रदेश के करीब 1.41 लाख परिषदीय और सहायता प्राप्त स्कूलों में लगभग 1.46 करोड़ विद्यार्थियों के लिए मिड-डे मील तैयार करने में रसोइयों की अहम भूमिका है। सरकार के इस फैसले से बड़ी संख्या में रसोइयों को सीधे आर्थिक लाभ मिलेगा।
सरकार ने रसोइयों के कल्याण के लिए अन्य कदम भी उठाए हैं। इनमें मातृत्व अवकाश के नियमों में बदलाव और कैशलेस चिकित्सा सुविधा शामिल है। 3.53 लाख रसोइयों और उनके परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक के मुफ्त उपचार की सुविधा देने के लिए कैशलेस चिकित्सा कार्ड भी वितरित किए जा रहे हैं।
सरकार का कहना है कि पीएम पोषण योजना में रसोइयों की भूमिका बच्चों के पोषण और स्वस्थ भविष्य के लिए महत्वपूर्ण है। मानदेय में बढ़ोतरी और चिकित्सा सुविधा से उनके आर्थिक और सामाजिक कल्याण को मजबूती मिलने की उम्मीद है।



