बिजुरी रेंजर पर तानाशाही और ड्राइवर को बंधक बनाकर पीटने का आरोप

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*अनूपपुर/बिजुरी* भ्रष्टाचार और तानाशाही जब सीमा लांघ जाती है तो जनता का आक्रोश सड़कों पर सैलाब बनकर निकलता है।कुछ ऐसा ही मंजर गुरुवार को बिजुरी वन परिक्षेत्र कार्यालय के सामने देखने को मिला जहाँ रेंजर पवन ताम्रकार की ‘वर्दी वाली हठधर्मिता’ के खिलाफ ग्रामीणों और ट्रैक्टर मालिकों ने मोर्चा खोल दिया। रक्षक ही जब भक्षक बन जाए और नियम-कायदों को अपनी जेब में रखकर अवैध वसूली का खेल खेलने लगे,तो आम जनता का सिस्टम से भरोसा उठना लाजिमी है।आरोप है कि रेंजर द्वारा न केवल खाली ट्रैक्टरों को अवैध रूप से जप्त किया जा रहा है बल्कि बेगुनाह चालकों को बंधक बनाकर उनके साथ बेरहमी से मारपीट भी की जा रही है।भ्रष्टाचार के इस कृत्य और 25 हजार की ‘रंगदारी’ ने अब फॉरेस्ट विभाग की साख को सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है। वन परिक्षेत्र बिजुरी में पदस्थ रेंजर पवन ताम्रकार की कार्य प्रणाली के खिलाफ मंगलवार को ग्रामीणों और ट्रैक्टर मालिकों का धैर्य जवाब दे गया।दर्जनों ट्रैक्टरों के साथ पहुंचे ग्रामीणों ने बिजुरी रेंज कार्यालय का घेराव कर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रेंजर द्वारा नियम-कानून ताक पर रखकर खाली ट्रैक्टरों को जप्त किया जा रहा है और विरोध करने पर चालकों के साथ मारपीट की जा रही है।

*25 हजार की मांग,नहीं देने पर दी बर्बाद करने की धमकी* मामले की गंभीरता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि पीड़ित ट्रैक्टर मालिक रवि सिंह बघेल ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार,उनका ट्रैक्टर (MP65 ZA7949) जो कि अंचल ट्रेडर्स में मटेरियल शिफ्टिंग और पानी सप्लाई के काम में लगा है,उसे वन कर्मियों ने रास्ते में रोक लिया।आरोप है कि कर्मचारियों ने ड्राइवर ओम कुशवाहा से गाली-गलौज करते हुए 25 हजार रुपये की मांग की। पैसे देने से इनकार करने पर रेंजर ने कथित तौर पर ड्राइवर की पिटाई की और उसे बंधक बना लिया।

*नियमों की आड़ में वसूली का खेल,साख पर लगा बट्टा* प्रदर्शनकारियों का गुस्सा इस बात को लेकर था कि बिना किसी वैध कारण के खाली ट्रैक्टरों को रोकना और उन्हें छोड़ने के बदले मोटी रकम की मांग करना रेंजर की आदत बन चुकी है। ग्रामीणों ने दो टूक शब्दों में कहा कि अब रेंजर की मनमानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। नारों के बीच ग्रामीणों ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में दोषी अधिकारी पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और उग्र होगा।

*शांतिपूर्ण प्रदर्शन में गूंजे ‘रेंजर मुर्दाबाद’ के नारे* रेंजर की इस कथित गुंडागर्दी से नाराज होकर क्षेत्र के दर्जनों ट्रैक्टर मालिक और ग्रामीण लामबंद हो गए। रेंज कार्यालय के सामने शांतिपूर्ण प्रदर्शन करते हुए ग्रामीणों ने लगाए। ग्रामीणों का कहना है कि वन विभाग के अधिकारी अपनी शक्तियों का दुरुपयोग कर निर्दोष लोगों को प्रताड़ित कर रहे हैं।

*इन प्रमुख बिंदुओं पर ग्रामीणों ने घेरा प्रशासन को* अवैध रूप से जप्ती कर बिना किसी ठोस कारण के खाली ट्रैक्टर को रेंज ऑफिस में खड़ा किया गया और मानवाधिकार उल्लंघन कर ड्राइवर को बंधक बनाकर उसके साथ मारपीट किया गया जब ट्रैक्टर छोड़ने की बात कही गई तो छोड़ने के बदले मोटी रकम की डिमांड की गई जो कि विभाग के ऊपर एक बड़ा प्रश्न चिन्ह खड़ा करता दिखाई दे रहा है इस तरह रेंजर पवन ताम्रकार के द्वारा किए गए कृत्य से फॉरेस्ट विभाग के निचले स्तर के कर्मचारी के साथ साथ बड़े स्तर के अधिकारियों के भी जमकर छवि धूमिल हो रही है अब देखना यह है कि इस पूरे मामले पर फॉरेस्ट विभाग के उच्च अधिकारी क्या कार्यवाही करते हैं या फिर इस तरह अवैध तरीके से ग्रामीणों को परेशान करने की खुली छूट दे देंगे!

*थाने पहुंची शिकायत,जांच व कार्यवाही की मांग* पीड़ित पक्ष ने बिजुरी थाना प्रभारी को आवेदन देकर रेंजर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही मांग की गई है कि घायल ड्राइवर का मेडिकल कराया जाए और अवैध रूप से रोके गए वाहन को तुरंत मुक्त किया जाए। इस मामले ने अब राजनीतिक और सामाजिक मोड़ ले लिया है और वन विभाग की जमकर किरकिरी हो रही है! *

इनका कहना है*

मेरे ड्राइवर को बंधक बनाकर पीटा गया और मुझसे 25 हजार मांगे गए। रेंजर साहब ने धमकी दी कि अगर पैसे नहीं दिए तो गाड़ी राजसात कराकर मुझे बर्बाद कर देंगे। *रवि सिंह बघेल* *पीड़ित ट्रैक्टर मालिक*

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