*बी टी सेंटर से प्रशिक्षण लिए बिना और बिना सुरक्षा उपकरण के प्राइवेट मजदूर कर रहे कोयला छटनी का कार्य
*मुकेश राय*
मनेंद्रगढ़/ एम सी बी जिले अंतर्गत संचालित हल्दीबाड़ी कोयला खदान में प्राइवेट मजदूरों को बिना कोई प्रशिक्षण दिए और बिना किसी सुरक्षा उपकरण के कोयला छटनी का कार्य जोरों पर जारी है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार प्रत्येक दिन सैकड़ों मजदूर कोयला छटनी का कार्य कर रहे हैं और जिम्मेदार तमाशबीन बने हुए हैं। यदि इसी तर्ज पर लापरवाही बरती जाती रही तो, हल्दीबाड़ी खदान में किसी अप्रिय घटना को आमंत्रण देने से कम नहीं है। मिली जानकारी के अनुसार हल्दीबाड़ी खदान में प्राइवेट लेबर सैकड़ो के समूह में कार्य करने आते हैं और आकर कॉलरी परिसर के अंदर ट्रकों के ऊपर चढ़कर कोयला छाटनी का कार्य करते हैं। न तो कॉलरी के द्वारा बी टी सेंटर में इन्हें प्रशिक्षित कराया जाता है और न ही इन्हें कोई भी सुरक्षा के उपकरण दिए जाते हैं। मिली जानकारी के अनुसार हल्दीबाड़ी खदान में सुबह सुबह काटा के पास और बैंकर से लोड होने के बाद लेवर ट्रको के ऊपर चढ़ कर कोयला छाटने के काम में लग जाते है और लापरवाही की तो हद हो गई इसके बाद यह भी देखने को मिला की ट्रको में बैठकर हेल्फर भी कॉलरी के अंदर जाकर चारों तरफ घूमते रहते है। लेबरों से पूछा गया कि क्या आप लोगो को कोयला छाटने का परमिशन दिया गया है, तो उनके द्वारा बताया गया, कि नहीं। उनसे यह भी पूछा गया की क्या आपका बी टी सेंटर कराया गया है तो बताया गया कि नहीं। क्या आप लोगों को कोई सुरक्षा के उपकरण दिए गए, तो बताया गया नहीं। आखिर कॉलरी को नियम विरुद्ध कार्य करने के लिए कहां से अनुमति प्राप्त हो जाती है और नियमों की धज्जी उड़ाने में तनिक भी कसर नहीं छोड़ते। तो क्या यह मान लिया जाए कि कोई बड़ी दुर्घटना होती है तो उसकी जवाबदारी कॉलरी प्रबंधन की होगी?
जब इस विषय पर कॉलरी के मैनेजर से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा बातों को गोल-गोल घुमाने का प्रयास किया गया।
हल्दीबाड़ी के सिक्योरिटी गार्ड
से जानकारी लेने का प्रयास किया गया तो उनके द्वारा बताया गया की आदेश तो नहीं है। आप कल सुबह जाकर मैनेजर साहब से मिल ले।
_इनका कहना है_
आपके द्वारा मुझे जानकारी दी गई है, मैं इसका पता करवाता हूं। यदि ऐसा है, तो कार्यवाही की जाएगी।
*अनुविभागीय अधिकारी, मनेंद्रगढ़*



